यवतमाल जिले समेत आरटीओ के राजस्व में 40 फीसदी गिरावट

  • राजस्व में कमी के कारण परिवहन विभाग को नोटिस

यवतमाल. केंद्र व राज्य सरकार के सभी कारोबार जनता के राजस्व पर निर्भर रहता है, ऐसा होते हुए भी महामारी के दौरान राजस्व में गिरावट देखी है, सरकार की तिजोरी को भरने में हरदम इजिफा डालनेवाले क्षेत्रीय परिवहन विभाग आर्थिक फटका लगा है.  गत वर्ष की तुलना में चार माह में 40 फीसदी की गिरावट के कारण वरिष्ठ कार्यालय ने अधिकारियों पर कार्रवाई का कदम उठाया है. एक तरफ और जब लोगों की विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड रहा है, तो सवाल है कि संबंधित विभाग ने राजस्व एकत्र किया है या नहीं.

अब यवतमाल जिले के परिवहन विभाग समेत राज्य के परिवहन विभाग के अधिकारियों के सामने गंभीर समस्या निर्माण हो गई है. क्षेत्रीय परिवहन विभाग याने सरकार का दैनिक जाता राजस्व खाता है. इस खाते के तहत विभिन्न प्रकारे के उडन दस्ते, चेक पोस्ट कार्यालय राजस्व के कई तरीकों से उत्पन्न मिलती है. इसी आय के भरोसे पर अन्य सभी राज्य की तिजोरी से वेतन व विकास इन दो मुद्दों पर खर्च भी किया जाता है. विगत वर्ष की तुलना में इसवर्ष इस विभाग को बडा आर्थिक रूप से काफी नुकसान पहुंचा है, जिसमें यवतमाल समेत राज्य के सभी जिले इसमें शामिल है, पिछले चार महीनों की अप्रैल से अगस्त तक की समीक्षा से यह पता चलता है. कोरोना महामारी 22 मार्च से दुनिया भर में फैल रही है, और इसका प्रभाव अब ग्रामीण क्षेत्रों में महसूस किया जा रहा है, इसलिए लोगों को मंदी के दौरान लॉडडाऊन में अपने कार्यालय को बंद रखने पडे थे, जिसमें परिवहन कार्यालय भी शामिल है.

आय पर परीणाम हुआ है, पिछले साल, 19 करोड 85 लाख 79 हजार रुपये का राजस्व सरकार के खजाने में जमा किया गया था. इस बार, हालांकि 59 लाख 45 हजार हजार रुपए एकत्र किए गए हैं. 2019 में 20 करोड 59 लाख पाच हजार तो 2020 में 3 करोड 17 लाख 40 हजार रुपये, जून 2019 में 15 करोड 11 लाख 9 हजार तो जूलाई 2020 में दस करोड 56 लाख 56 हजार, सात जुलाई 2019 में 16 करोड 37 लाख 21 हजार तो जुलाई  2020 में 14 करोड 49 लाख 54 हजार रुपयों का राजस्व राज्य सरकार को मिला था. 2019 में अप्रैल से जुलाई महीने के दौरान 72 करोड 23 लाख 14 हजार रुपए एकत्र हुए थे तो इस बार इसी कार्यकाल में 28 करोड 81 लाख 95 हजार रुपयों का राजस्व एकत्र हुआ. इस बार राजस्व में कमी के कारण अब सरकार के खाजने के लिए राजस्व केसे वसूल किया जा सकता है, इसकी चिंता अब परिवहन विभाग के सामने है.

सरकारी नोटिस के कारण अधिकारियों में असंतोष, गतवर्ष की तुलना में इसवर्ष राजस्व में 40 फीसदी की कम वसूला गया. कोरोना के कारण लोगों को बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड रहा है. मार्केट में व्यवहार पूर्ण रूप से प्रभावित होने सडक पर वाहनों आवागमन भी कम हो गई है. इस दौरान राजस्व पर परिणाम अपेक्षित है, हालांकि वरिष्ठ कार्यालय ने राजस्व में कमी के कारण राज्य के सभी परिवहन विभागों के अधिकारियों को नोटिस जारी कर दिए है. जिससे अधिकारी जान जोखीम में डालकर काम कर रहें है, जिससे अधिकारियों में असंतोष पनप रहा है.