जिला प्रशासन के खिलाफ चिकित्सकों का प्रदर्शन

  • मैग्मो एसोसिएशन ने सौंपा ज्ञापन
  • तहसीलदा व नायब तहसील संगठनों का समर्थन

यवतमाल. जिला प्रशासन द्वारा लगातार हो रहें अपमानजनक व्यवहार से जिले के वैद्यकिय अधिकारी संगठनों ने आंदोलन का आक्रमक रुख अपनाकर सामूहिक रूप से इस्तीफे दिए है. जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था ठप पड गई है. इस बीच, तहसीलदार, नायब तहसीलदार संगठना का भी इस चिकित्सकों के आंदोलन को समर्थन मिला होकर, जिलाधिकारी की तत्काल स्थानांतरित करने की मांग को लेकर स्थानीय आजाद मैदान में एक बैठक लेकर प्रदर्शन किया गया. 

कोरोना महामारी में जिले के स्वास्थ्य सेवा अंतर्गत सभी वर्ग के स्वास्थ्य अधिकारी, गट अ के स्वास्थ्य अधिकारी अपर्याप्त संख्याबल पर भी कोरोना महामारी के दौरान सात माह से अपनी सेवा दे रहे है. ऐसा होते हुए भी जिलाधिकारी एम. डी. सिंह इन चिकित्सकों की दखल न लेते हुए, उल्टा उनके साथ असभ्य बर्ताव कर रहें है. बैठक में इन चिकित्सकों के साथ अपमानजनक बर्ताव रखते है. जिससे चिकित्स अधिकारियों को मानसिक तनाव में काम करना पडता है. चिकित्सा अधिकारी ने यह भी ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया कि जिलाधिकारी ने उन्हें आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत निलंबित करने की धमकी दी थी. 

इन सभी बर्तावों के खिलाफ राजपत्रित वैद्यकिय अधिकारी गट-अ संगठन आवाज उठविला तथा जिलाधिकारी कार्यालय पर 28 सितंबर को एल्गार मोर्चा निकालकर लगभग 89 चिकित्सकों ने सामूहिक इस्तिफे भी दिए थे. आज इस्तीफों की यह संख्या 135 पर जा पहुंची है. इस सिलसिले में 29 सितंबर को स्थानीय आजाद मैदान में चिकित्सा अधिकारियों की बैठक हुई. तथा जिलाधिकारी तत्काल स्थानांतरित करने की मांग की. इस आंदोलन में आज तहसीलदार नायब तहसीलदार, मुख्याधिकारी संगठना भी आज इस आंदोलन में आए आए हैं और उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों की मांग का समर्थन किया है.