न्यूमोकोकल वैक्सीन रोकेगी शिशु मृत्यु, पहले चरण में 3,000 टीके

    यवतमाल.  न्यूमोकोकल एक जीवाणु है. बैक्टीरिया के उभरने के कई कारण हो सकते हैं. जब एक कुपोषित बच्चा पैदा होता है, तो न्यूमोकोकल बैक्टीरियां उस पर हमला करते हैं. इससे शिशु मृत्यु होती है.

    नवजात शिशु के लिए मां का पहला दूध अमृत के समान होता है. कई बच्चों को मां का दूध नहीं मिलता है. यह उनमें प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने से रोकता है. कुछ परिवारों में एक ही स्थान पर अनेक लोग रहते हैं. इसलिए यदि किसी व्यक्ति को निमोनिया है, तो बैक्टीरिया बच्चे को प्रभावित कर देता है.

    कई बच्चों की न्यूमोकोकल से मृत्यु होती है. इस प्रकार की रोकथाम के लिए शिशुओं को न्यूमोकोकल वैक्सीन दी जाएगी. इसके लिए एक बच्चे को तीन खुराक दी जाती हैं. पहली खुराक छह सप्ताह के बाद, दूसरी खुराक 14 सप्ताह के बाद और तीसरी खुराक नौ महीने बाद दी जाती है. यह बच्चों को न्यूमोकोकल बैक्टीरिया से बचाता है. वैक्सीन पहले एक निजी अस्पताल में उपलब्ध थी. अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से मुफ्त टीके मिलेंगे. डायरिया और निमोनिया शिशु मृत्यु के दो प्रमुख कारण हैं. यह अब दोनों पर नियमित टीकाकरण में शामिल है.

    क्या है न्यूमोकोकल निमोनिया 

    न्यूमोकोकल एक जीवाणु है. यह शून्य से पांच वर्ष की आयु के बच्चों को प्रभावित करता है. इसमें शून्य से दो वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों को प्रभावित करने की उच्च दर है. इनमें कान का फूटना, सायनोसायटिक, निमोनिया, मेंदूज्वर और आगे के सिरदर्द और गर्दन अकड़ना शामिल हैं. इसे न्यूमोकोकल न्यूमोनिया कहा जाता है.

    जिले में होगा टीकाकरण

    वैक्सीन पहले एक निजी अस्पताल में उपलब्ध थी. यह टीका अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर नि:शुल्क उपलब्ध होगा. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने खास प्लान तैयार किया है. 12 तारीख के बाद टीकाकरण अभियान शुरू होगा. इसके लिए जिले को टीके की तीन हजार डोज उपलब्ध कराई जा चुकी हैं. इससे ग्राम स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा.

    इस रोग के लक्षण 

    इस रोग में सांस लेने की गति तेज हो जाती है. दो महीने से एक साल की उम्र तक बच्चे की सांस लेने की गति 50 से 60 बीट प्रति मिनट होनी चाहिए. इससे ज्यादा सांस की बीमारी बढ़ जाती है, जबकि एक साल से पांच साल में सांस की दर 40 बीट प्रति मिनट से ज्यादा हो जाती है. इसमें शरीर में बहुत तेज बुखार रहता है.

    ग्रामीण क्षेत्रों में नि:शुल्क होगा टीका

    यवतमाल जिले को न्यूमोकोकल वैक्सीन मिल गई है. तीन हजार खुराक वर्तमान में जिले के लिए उपलब्ध हैं. इसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से टीका लगाया जाएगा. शुरुआत में निजी अस्पतालों में वैक्सीन 2,500 रुपये से 3,000 रुपये में उपलब्ध थी. यह टीका अब ग्रामीण क्षेत्रों में नि:शुल्क उपलब्ध होगा. इससे छोटे बच्चे सुरक्षित रहेंगे.

    डा. तरंगतुषार वारे, 

    जिला सर्जन, यवतमाल

    जिले में बच्चों की जन्म और मृत्यु दर

    वर्ष, जन्म,      अर्भकमृत्यू दर, शिशु मृत्यु दर

    2017-18 13.94 16.70,         –

    2018-19 13.46  18.67       4.25

    2019-20 13.10  17.89       4.27