झरी नगर पंचायत की स्वच्छता पर अनदेखी

मुकुटबन. वर्तमान स्थिति में झरी जामनी नगर पंचायत प्रशासन द्वारा गांव की बुनिदायी समस्या की ओर अनदेखी होती दिखाई दे रही है. जिस प्रकार नाली व सडक नर्मिाण की ओर ध्यान दिया जाता है, उसी तरह से सफाई के काम पर भी ध्यान देने की चर्चा गांव में जोरों पर है. नाली की सफाई के साथ स्वच्छतागृह की ओर स्थानीय प्रशासन की लापरवाही के कारण बारिश के मौसम में नागरिकों का जीवन भी खतरे में पड सकता है. नगर पंचायत क्षेत्र में नालियों, सडकों और स्वच्छता सुविधाओं की सफाई के लिए जम्मिेदार है. उन्हें इसके लिए अलग से फंड मिलता है. झरी नगर पंचायत ने सफाई के लिए टेंडर जारी किया है लेकिन ठेकेदार और उनके लोग गंदगी को नजरअंदाज करते नजर आ रहे हैं. चूंकि झरी में विविध कार्यालय होने से बाहर से आनेवाले लोगों के लिए खासकर महिलाओं के प्रसाधनगृह की मांग थी.

लंबी मांग के बाद, पिछले साल नगर पंचायत के माध्यम से 10 लाख 48 हजार रुपए की लागत से एक प्रसाधनगृह नर्मिाण किया गया था.  लेकिन प्रसाधनगृह एक साल से साफसफाई का अभाव दिखाई दे रहा है. इसमें पानी की कोई सुविधा नहीं है, मूत्रालय में शराब की खाली बोतलें देखी जा सकती है, प्रसाधनगृह शुरू से ही बंद है. पानी की कमी के कारण लंबे समय से बदबू फैल रही है. पानी की कमी के कारण लंबे समय से बदबू फैल रही है. स्वच्छता बीमारी और वायरल संक्रमण के लिए भी महत्वपूर्ण है, जिसको संबंधित प्रशासन भूल गई है, ऐसा आरोपी झरीवासी करते दिखाई दे रहे है.

कोरोना महामारी संक्रमण के हालातों पर ग्रामपंचायत लगातार ध्यान दे रही है. इसमें तो कोई शक ही नहीं है. जिन गांवों में सडक है वहां नाली नहीं है और जहां नालियों की सख्त जरूरत है. इसलिए आंतरिक सडक से गंदा और बदबूदार पानी बहता है. बरसात के मौसम में यह समस्या बढ जाती है. जिन वार्डों में नाले नहीं हैं, वहां दुर्गंधयुक्त पानी जमा हो जाता है. जहां पानी जमा है, वहां जहरीले सांप, बच्छिूओं का खतरा बना हुआ है. पदाधिकारियों की जम्मिेदारी भी जनसंख्या से अधिक है, नागरिकों से अपेक्षा की जाती है कि वे मुद्दे पर ध्यान दें और अपनी मांगों को पूरा करें.