मौत को दावत दे रही टूटी रेलिंग, शहानूर प्रकल्प प्रशासन की अनदेखी

पथ्रोट. सतपुड़ा पर्वत की गोद में बसा जिले का मध्यम प्रकल्प शहानूर बांध को प्राकृतिक सुंदरता से सजा है. परिसर में अन्य कोई आकर्षक पर्यटन स्थल नहीं होने से सैकड़ों परिवार हर दिन शाहनूर बांध पर प्रकृति का आनंद लेने आते है. बांध का गेट खोलते ही पर्यटकों का भी हुजूम उमड़ता है. लेकिन पिछले अनेक वर्षों से बांध के मुख्य द्वार के पास की टूटी रेलिंग पर्यटकों को मौत का न्यौता दे रही है.

शिकायत का संज्ञान नहीं

शहानूर प्रशासन अभी तक निंद्रावस्था में है और किसी बड़े हादसे की प्रतिक्षा में है. कुछ पर्यटकों ने बताया कि पिछले साल यह समस्या प्रशासन के ध्यान में लाई गई. कोई कार्रवाई नहीं की गई. कुछ दिनों पहले जलस्तर में अचानक वृद्धि होने से पथ्रोट के दांडगे नामक व्यक्ति के बह जाने की घटना ताजा होने के बावजूद शाहनूर प्रशासन अब भी नींद से नहीं जागा है. 

बगैर रसीद पार्किंग चार्ज

बांध के प्रवेश द्वार पर जलशुध्दिकरण केंद्र के पास चार पहिया वाहनों के लिए 20 रुपये और दुपहिया वाहनों के लिए 10 रुपये पार्किंग चार्ज की वसूला जा रहा है. जिसकी कोई रसीद भी नहीं दी जा रही है. कर्मचारियों से पूछने पर बताया कि यह राशि रोजगार गारंटी के लिए काम कर रहे लोगों के लिए ली जा रही है. अपना वाहन सुरक्षित रखने के लिए यह राशि देने की बात भी कही गई. 

जिम्मेदारी किसकी

पर्यटकों की सुरक्षा के मद्देनजर रेलिंग का काम तुरंत किए जाने की आवश्यकता है. नागरिकों के किसी भी तरह की हानि के लिए कौन जिम्मेदारी रहेगा. 

– आशीष सहारे, पूर्व पंस सदस्य, अचलपुर 

अगले वर्ष पूर्ण होगा काम

मेकेनिकल काम होने से रेलिंग के इस काम का टेंडर पिछले साल भी निकाला गया. लेकिन काम शुरू नहीं हो सका. इस साल भी काम के लिए निविदा निकाली गई है. आगामी बारिश से पहले काम पूर्ण किया जाएगा.

सुमित हिरेकर, अभियंता, शहानूर लघु प्रकल्प