Street light mana will conduct survey for the first time

    अमरावती. महानगरपालिका ने 1.20 करोड़ रुपयों के बिजली बिल अदा किए जाने से शहर में सोमवार की रात से बंद पड़े स्ट्रीट लाइट दुबारा शुरू होंगे. मनपा प्रशासन ने 1.20 करोड़ रुपयों का धनादेश महावितरण कंपनी को दिया है. 2 करोड़ 16 लाख रुपयों का चालू वर्ष तथा 19 करोड़ 18 लाख रूपयों का बिजली बिल बकाया रहने से स्ट्रीट लाइट की बिजली काट दी गई थी. जिसके कारण सोमवार को शहर के सभी स्ट्रीट लाइट बंद पड़ने से सड़कों प अंधेरा पसरा रहा. 

    सड़कों पर पसरा रहा अंधरा 

    19.18 करोड़ों रूपयों की बिजली बकाया रहने से उसका भुगतान करने को लेकर महावितरण को पत्र सौंपा था. मनपा द्वारा कोई जवाब नहीं मिलने से शहर के स्ट्रीट लाइट की बिजली आपूर्ति खंडित करने का निर्णय बिजली महावितरण कंपनी ने लिया. स्ट्रीट लाइट बंद रहने से कांग्रेस नगर, राजकमल, बडनेरा के साथ अन्य क्षेत्रों में अंधेरा छाया रहा . 

    शहरवासियों की जान से ना खेले-शेखावत 

    सोमवार की रात शहर में सड़कों की स्ट्रीट लाइट बंद हो जाने से अंधेरा छा गया. बारिश के दिनों में अचानक बंद हुए स्ट्रीट लाइट से नागरिकों को जान जोखिम में डालकर सड़कों से गुजरना पड़ा. आखिरकार स्ट्रीट लाइट बंद कर नागरिकों की जान से खेलने का अधिकार महावितरण को किसने दिया. ऐसा पत्र विपक्ष नेता बबलू शेखावत ने महावितरण की मुख्य अभियंता सुचित्रा गुर्जर के नाम भेजा है.

    शेखावत ने कहा कि जानकारी के अनुसार महापालिका की एलबीटी के 12 करोड़ महावितरण पर बकाया है. एलबीटी की रकम तो भरी नहीं उल्टा  महापालिका का बिजली आपूर्ति खंडित की गई. यह निर्णय किसका है और क्यों लिया गया, इसका जवाब भी बबलू शेखावत ने मांगा है. यदि इसका जवाब नहीं दिया गया तो कांग्रेस की ओर से तीव्र आंदोलन छेड़ने की चेतावनी भी शेखावत ने इस पत्र में दी है.

    महानगर पालिका है या ग्राम पंचायत

    बबलू शेखावत ने महावितरण के साथ-साथ निगमायुक्त से सवाल किया. जिसमें शेखावत ने कहा कि महावितरण कंपनी का बिजली बिल महानगरपालिका द्वारा नहीं भरे जाने से स्ट्रीट लाइट बंद कर दिए. बारिश का समय है. रात के समय लाइट बंद होना बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है. यह महानगरपालिका है या फिर ग्राम पंचायत, ऐसा सवाल करते हुए बबलू शेखवात ने कहा कि महावितरण लाइट बंद कर देता है, पेट्रोल वाले मनपा के वाहन में पेट्रोल भरने से इंकार कर देते हैं.

    मनपा को चलाने की जिम्मेदारी सत्ताधारियों की होती है, लेकिन शहर विकास के साथ-साथ अब तो मनपा का विकास भी ठप हो चुका है. नागरिकों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है. इसलिए यह महानगरपालिका है की ग्राम पंचायत यह समझ से परे हो रहा है. नागरिकों की जान और सुविधा को देखते हुए स्ट्रीट लाइट शुरू करने की मांग भी उन्होंने प्रशासन से की है.