Learn historical history of Ram Janmabhoomi

औरंगाबाद. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का भूमिपूजन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों बुधवार की दोपहर किया गया. राम मंदिर के भूमिपूजन का उत्सव शहर में पूरी सादगी से मनाया गया. हर घर में केसरिया ध्वज लगाने के साथ ही कई स्थानों पर महाआरती की गई. पुलिस प्रशासन द्वारा कोविड-19 को लेकर जारी किए गए निर्देशों के चलते हिंदुत्ववादी संगठन वीएचपी, बजरंग दल, भाजपा और शिवसेना ने सड़कों पर उतरकर जश्न न मनाते हुए सादगी से यह उत्सव मनाया.

मंगलवार से ही हिंदू समुदाय में भूमिपूजन के कार्यक्रम को लेकर उत्साह देखा गया. सोशल मीडिया पर लोगों ने राम मंदिर निर्माण  भूमिपूजन कार्यक्रम को लेकर सरकार को शुभकामनाएं दी. कोरोना महामारी के चलते प्रशासन द्वारा एक साथ सड़क पर आकर उत्साह मनाने के लिए  लगाई पाबंदी के चलते राम भक्तों ने घर पर केसरिया झेंडा लगाकर और गुढी उभारकर जश्न मनाया.

पुलिस ने सड़क पर  कार्यक्रम को नहीं दी  परमिशन

शहर भाजपा की ओर से क्रांति चौक में प्रतिमा पूजन करने का  निर्णय लिया गया था, परंतु कोविड-19 को लेकर पुलिस प्रशासन ने इसे परमिशन नहीं दी. क्रांति चौक में कार्यकर्ता जमा हुए थे, लेकिन पुलिस ने जमा हुए कार्यकर्ताओं को लौटा दिया. उधर, शहर के विधायक अतुल सावे के उपस्थिति में गारखेडा परिसर में राम पूजन का कार्यक्रम संपन्न हुआ. इधर, भाजपा जिलाध्यक्ष विजय औताडे ने हर्सूल परिसर में श्रीराम पूजन का कार्यक्रम लिया. टीवी सेंटर परिसर में पूर्व नगरसेवक राज  वानखेडे तथा नितिन चित्ते के प्रमुख उपस्थिति में श्रीराम पूजन किया गया. इस अवसर पर राम भक्तों ने जय श्री राम के नारे लगाए.

 घर-घर में दीप पूजन और आरती

उधर, वीएचपी के जिला मंत्री शैलेश पत्की ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते शहर के सभी कार्यक्रम रदद किए गए है. घर में दिये जलाकर तथा गुढी उभारकर जश्न मनाने की अपील वीएचपी के कार्यकर्ताओं  से की गई थी. उस अपील का सभी ने  सम्मान कर घर-घर में दीप पूजन और आरती की. इधर, बजरंग दल द्वारा शहर के औरंगपुरा में स्थित महात्मा ज्योतिबा फुले प्रतिमा के निकट श्रीराम पूजन का कार्यक्रम लेने का नियोजन किया गया था. परंतु, क्रांति चौक की पीआई निर्मला परदेसी  और उनके सहकर्मियों ने यह कार्यक्रम नहीं होने दिया. शिवसेना नेताओं ने भी घर में ही पूजा अर्चना कर राम जन्म भूमि पूजन का उत्सव सादगी से मनाया.

 मनसे जिलाध्यक्ष दाशरथे गिरफ्तार

कोरोना महामारी को लेकर पुलिस प्रशासन ने सार्वजनिक स्थल पर कोई भी कार्यक्रम आयोजित करने के लिए परमिशन नहीं दी. इसके बावजूद मनसे के जिलाध्यक्ष सुहास दाशरथे अपने कुछ कार्यकर्ताओं के साथ टीवी सेंटर चौक पहुंचे. वहां उन्होंने श्रीराम की प्रतिमा रखकर पूजन करने का प्रयास किया. तभी वहां तैनात सिडको पुलिस ने उन्हें कब्जे में लेकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की. पुलिस ने दाशरथे के साथ पार्टी के नेता सतनामसिंह गुलाटी, चंदु नवपुते, संदिप कुलकर्णी को भी गिरफ्तार किया.