Had 70 percent of people worn masks, the epidemic would have been under control: study
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भंडारा (का). जिले में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन ज्यादा सख्त हो गया है और घर से बाहर निकलने वाले प्रत्येक व्यक्ति से प्रशासन ने अपील की है कि वह मॉस्क का उपयोग करे, जो व्यक्ति मॉस्क न पहना हुआ दिखायी देगा, उससे जुर्माने के रूप में 500 रूपए वसूले जाएंगे.

भंडारा जिले में अगस्त माह से कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है. जिले में तक 2878 लोगों को कोरोना रोग हुआ और इस रोग से मरने वालों की संख्या 65 से ज्यादा हो चुकी है. जिला प्रशासन की ओर से तरह- तरह के उपाय किए जाने के बाद भी कोरोना महामारी के फैलाव में कोई कमी नहीं हो रही, बल्कि आए दिन इस महामारी से ग्रस्त होने वाले तथा इससे मरने वालों की संख्या में वृद्धि होती जा रही है. तीन दिन के जनता कर्फ्यू के बावजूद कोरोना प्रभावितों की संख्या में कमी नहीं आ रही है. जिल के अधिकांश नागरिक अब लॉकडाऊन, जनता कर्फ्यू जैसी बातों से ऊब गए हैं, उनके मन से कोरोना का भय समाप्त हो गया है. जिला प्रशासन की ओर से ज्यादा सख्ती नहीं की जा रही, ऐसा अधिकांश लोगों का कहना है, जबकि जिला प्रशासन तथा पुलिस प्रशासन का कहना है कि जनता को बार-बार समझाने के बावजूद वे नहीं मानते.

बिना काम के कोई घर से बाहर न निकले, अगर निकलना जरूरी हो तो बिना मॉस्क के कोई बाहर न जाए, लेकिन जो लोग कोरोना महामारी से बिल्कुल बेखबर हैं, वे बिना मॉस्क के कहीं भी जाने में परहेज नहीं कर रहे. ऐसे लोगों की मनमानी पर ब्रेक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने मॉस्क लगाना अनिवार्य किया है और जो भी बगैर मॉंस्क के दिखायी देगा, उससे 500 रूपए जुर्माने के तौर पर वसूलने की तैयारी की है. वर्तमान में मॉस्क न पहनने वालों से नगर परिषद प्रशासन की ओर से जुर्माने के तौर पर 150 रूपए वसूले जाते हैं, जिला प्रशासन ने इसमें 350 रूपए बढ़ाकर 500 रूपए कर दिया है. यवतमाल तथा नागपुर जिले में मॉस्क का उपयोग न करने वालों से जुर्माने के तौर पर 500 रूपए वसूले जा रहे हें,उसी की तर्ज पर अब भंडारा जिले में भी मॉंस्क न लगाने वालों से 500 रूपए वसूलने की योजना बनायी है. रास्ते पर पैदल चलने वाला व्यक्ति हो या फिर दो पहिया या चार पहिया वाहन से घर से बाहर निकलने वाला व्यक्ति हो, सभी के लिए मॉस्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया.

मॉस्क न पहनने वालों से जुर्माना वसूलने के लिए नगर परिषद, नगर पंचायत तथा ग्राम पंचायत स्तर पर समिति का गठन किया जाएगा. इस समिति तथा पथक के माध्यम से जुर्माना वसूल कर हर किसी को कोरोना के बचाव के बारे में जानकारी दी जाएगी. नागरिकों को अब कोरोना से बचाव के लिए सरकारी की ओर से दिए गए दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन करना होगा. उल्सेखनीय है कि अब तक 1303 से लोगों से मॉस्क न पहनने के कारण जुर्माने के तौर पर 1 लाख, 95 हजार रूपए वसूले गए हैं. इतना होने के बावजूद लोग मासक पहनने से परहेज कर रहे हैं, इसलिए अब मॉस्क न पहनने वालों से 500 रूपए बतौर जुर्माना वसूलने का फैसला किया गया है, अब देखना यह है 500 रूपए जुर्माना वसूले जाने के बाद मॉस्क पहनने वालों लोगों की संख्या में कितनी वृद्धि होती है.