Silver may touch 80,000 rupees

  • सोने-चांदी में फिर बन रहा तेजी का माहौल

मुंबई. कीमती धातुओं सोना (Gold) और चांदी (Silver) में फिर तेजी का जोर बनता दिखाई दे रहा है, लेकिन इस बार तेजी की रफ्तार सोने से अधिक चांदी में है. विगत 3 हफ्तों में जहां सोने में 2,000 रुपए दस ग्राम (Ten Grams) की तेजी आई हैं, वहीं चांदी में 7,000 रुपए प्रति किलो का उछाल आया है. ‍‍वैश्विक स्तर पर सोना-चांदी में फिर तेजी का माहौल बनने की वजह कोरोना वायरस का नए रूप में प्रकोप बढ़ने और वैक्सीन में देरी की आशंका है. 

साथ ही अमेरिका (US) में ब्याज दरें (Interest Rates) स्थिर रखे जाने और नए मौद्रिक पैकेज की घोषणा ना होना है. चांदी के अब 80,000 रुपए और सोने के फिर 55,000 रुपए तक पहुंचने का अनुमान व्यक्त किया जा रहा है. बुधवार को मुंबई में सोना 50,100 रुपए और चांदी 66,000 रुपए रही.

चांदी में तेजी का जोर अधिक

विश्लेषकों का कहना है कि ग्लोबल मार्केट में नि‍वेशकों की खरीद बढ़ने के साथ सट्टेबाज फिर सक्रिय हो गए हैं. चांदी में तेजी ज्यादा आने की वजह यह है कि निवेश मांग के साथ चांदी की औद्योगिक मांग भी बढ़ रही है. जबकि आपूर्ति सीमित है. लंदन (London) में एक दिसंबर को सोना 1762 डॉलर तक गिरा था, लेकिन अब 1870 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है. जबकि चांदी के दाम 22.15 डॉलर तक गिरने के बाद अब बढ़कर 25.50 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गए हैं.

जोरदार तेजी का साल

वैसे वर्ष 2020 कीमती धातुओं के लिए जोरदार तेजी का साल साबित होने जा रहा है. इस साल दुनिया भर में चाइनीज वायरस कोविड-19 की महामारी फैलने से तमाम देशों की अर्थव्यवस्थाएं घोर मंदी की चपेट में आ गई. जिसकी वजह से सुरक्षित निवेश के रूप में सोना-चांदी की मांग अचानक बढ़ गई और रिकार्ड तेजी दर्ज हुई. हालांकि तेजी का दौर पहले से ही चल रहा था. जनवरी से अगस्त तक 7 माह रिकार्ड तेजी के बाद ऊंचे मूल्यों पर चौतरफा मुनाफावसूली यानी प्रॉफिट बुकिंग से गिरावट आई. तीन-चार माह कंसोलिडेशन के बाद अब फिर तेजी का रूख बन गया है.

दशक का सबसे बड़ा उछाल

विश्व स्तर पर भारी सट्टेबाजी के चलते लंदन में चांदी के दाम 29.14 डॉलर प्रति औंस की ऊंचाई पर जा पहुंचे. इसके असर से मुंबई में चांदी के दाम बढ़ते हुए 8 अगस्त 2020 को 76,100 रुपए प्रति किलो की ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गए, जो एक जनवरी 2020 को 46,665 रुपए प्रति किलो पर थे. चांदी में कुल 63% की रिकार्ड तेजी दर्ज हुई. इसी अवधि में लंदन में सोना 1520 डॉलर से बढ़कर 2067 डॉलर प्रति औंस की ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचा. मुंबई में सोने की कीमतें बढ़ती हुई 8 अगस्त को 56,125 रुपए की रिकार्ड ऊंचाई पर जा पहुंची, जो एक जनवरी 2020 को 39,085 रुपए प्रति दस ग्राम थी. सोने में कुल 44% की रिकार्ड तेजी आई. सोने-चांदी की कीमतों में इतनी बड़ी तेजी विगत एक दशक में सर्वाधिक है.

‍‍ब्रिटेन और अन्य यूरोपीय देशों में कोरोना वायरस का नए रूप में प्रकोप बढ़ने और वैक्सीन में देरी की आशंका से बुलियन मार्केट में फिर तेजी आने लगी है, लेकिन चांदी में ज्यादा तेजी के आसार दिख रहे हैं. क्योंकि इसकी औद्योगिक मांग भी बढ़ रही है. चौतरफा मांग के चलते चांदी अपने उच्च स्तर 76,100 रुपए को पार कर अगले दो से तीन महीनों में 80,000 रुपए की नई ऊंचाई पर पहुंच सकती है. हालांकि सोने में भी तेजी का रूख कायम रहेगा, लेकिन उसकी गति धीमी रहने की संभावना है.

- संजय शाह, अध्यक्ष, ज्वैलमेकर्स वेलफेयर एसोसिएशन

चांदी में ही तेजी ज्यादा आती दिख रही है. चांदी के लिए 71,000 रुपए पहला अवरोध स्तर है, यह स्तर पार होता है तो फिर 76,100 रुपए के पार हो सकती है. नीचे में 65,000 रुपए पहला समर्थन स्तर है. यह स्तर टूटता है तो फिर 62,000 रुपए महत्वपूर्ण समर्थन स्तर है. जबकि सोने में 51,000 रुपए बड़ा पहला अवरोध स्तर है. यह स्तर पार होता है तो फिर सोना 54,000 रुपए तक जा सकता है. नीचे में 48,500 रुपए महत्वपूर्ण समर्थन स्तर है. इससे नीचे जाने की आशंका नहीं है. सोने में शॉर्ट टर्म में कुछ गिरावट संभ‍व है, लेकिन मीडियम टू लांग टर्म में धारणा तेजी की ही है. लिहाजा सोना-चांदी दोनों में हर गिरावट पर निवेश करना चाहिए.

- श्रीराम अय्यर, वरिष्ठ विश्लेषक, रिलायंस सिक्युरिटीज