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भद्रावती तहसील के माजरी थाना अंतर्गत वेकोलि के भूमि के अवैध कब्जे को लेकर दो गुटों के आपसी झगड़ा में एक पर चाकू से हमला कर दिया।

  • आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज
  • अन्य 3 आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर

माजरी. भद्रावती तहसील के माजरी थाना अंतर्गत वेकोलि के भूमि के अवैध कब्जे को लेकर दो गुटों के आपसी झगड़ा में एक पर चाकू से हमला कर दिया। जिसकी उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। आज माजरी पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी को भद्रावती न्यायालय में पेश किया जहां से उसे 21 सितंबर तक के लिए पुलिस रिमांड में भेज दिया है।

माजरी पुलिस के अनुसार 10 सितंबर को वेकोलि कर्मी तथा ग्रामपंचायत सदस्य अमित केवट से खाली जगह के कब्जे को लेकर अमित केवट तथा बाबू उर्फ अजय यादव व अमरजीत यादव,जाकिर हुसैन के साथ वाद विवाद हुआ। जिसके बाद अमित केवट ने माजरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद माजरी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले को उपविभागीय पुलिस अधिकारी वरोरा को हस्तांतरित कर दिया। इसके तीन दिन बाद अमित केवट ने आधी रात के समय विवादित जगह के खुदी हुई नींव में दो तीन लोगों के साथ मिलकर मिट्टी भर दिया।

जिसकी सूचना अमरजीत यादव और बाबु उर्फ अजय यादव को मिली तो दोनों ने मौके पर पहुँचकर सभी की लात घूसों से धुनाई कर दी। फिर मामला थाने में पंहुचने से पहले ही आपस मे समझौता कर विवाद को समाप्त कर लिया। उसके बाद मंगलवार के दिन बाबु उर्फ अजय यादव और अमरजीत यादव वेकोलि के क्षेत्रीय अस्पताल में किसी काम से गए। जिसका पता लगते ही अमित केवट ने अपने भाई राजू केवट और बल्लारपुर निवासी साले आनंद निषाद तथा एक अन्य साथी को खबर दी।

वेकोलि अस्पताल के मुख्य द्वार के सामने चारों ने मिलकर समझौते के लिए बुलाकर चाकू से वार कर दिया। जिसमें अमरजीत यादव मौके से जान बचाकर भाग निकला। जबकि बाबु उर्फ अजय यादव को अकेला देख चारों आरोपी ने नाली में गिराकर उस पर चाकू से ताबड़तोड़ दर्जनों वार किये उसे गंभीर हालत में हास्पिटल में दाखिल किया गया जहां उपचार के दौरान 17 सितंबर को उसकी मौत हो गई। उसकी मृत्यु के पश्चात पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सामूहिक हत्या का मामला दर्ज किया है। इस मामले के आरोपी अमित केवट को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था उसे न्यायालय में पेश करने पर तीन दिनों के लिए पुलिस रिमांड में भेज दिया था।

आज उसके पीसीआर की मियाद पूरी होने पर पुन: न्यायालय में पेश करने पर और 3 दिनों के लिए पीसीआर में भेज दिया है। इस मामले के अन्य तीन आरोपी अब भी पुलिस गिरफ्त से फरार है। मामले की जांच उपविभागीय पुलिस अधिकारी निलेश पांडे के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक संतोष मस्के कर रहे है।