Comedian Bharti Singh

    मुंबई: कॉमेडियन भारती सिंह (Bharti Singh) की खूब फैन फॉलोइंग है। लोगों को उनका कॉमिक अंदाज खूब पसंद आता है। अपनी कॉमिक टाइमिंग से भारती लोगों का दिल जीत लेती हैं। उनकी कॉमेडी लोगों को पेट पकड़कर हंसने पर मजबूर कर देती है। भारती सिंह सोशल मीडिया पर भी खूब एक्टिव रहती हैं और अपने फनी वीडियो भी पोस्ट करती रहती हैं। भारती सिंह और हर्ष लिंबाचिया (Haarsh Limbachiyaa) टीवी के फेवरेट कपल में से हैं। दोनों दर्शकों को खूब हंसाते हैं। अब भारती सिंह ने बताया है कि उन्हें किस तरह शुरुआती दिनों में छेड़खानी का भी सामना करना पड़ा था।

    दरअसल, हाल ही में भारती, मनीष पॉल (Maniesh Paul) के नए शो में पहुंचीं। इस दौरान भारती ने अपनी पर्सनल से लेकर प्रोफेशनल लाइफ तक के खुलासे किए। भारती ने बताया कि कैसे कॉर्डिनेटर्स उनके साथ गलत बिहेव करते थे। उन्होंने कहा, ‘कई बार जो इवेंट के कॉर्डिनेटर्स थे वो गलत बिहेव करते थे। मेरी बैक पर हाथ रब करते थे। मुझे बिल्कुल अच्छा नहीं लगता था, लेकिन फिर मन में आता था कि ये तो मेरे अंकल जैसे हैं तो मेरे साथ गलत क्यों करेंगे।’

    भारती ने आगे कहा, ‘उस वक्त मैं ये सब चीजें नहीं समझती थी। इसके अलावा अब मेरे पास वो कॉन्फिडेंस हैं जो पहले कभी नहीं था। अब मैं कह सकती हूं कि क्या दिक्कत है, क्या देख रहे हो, बाहर जाओ हम चेंज कर रहे हैं। लेकिन उस वक्त मुझमे हिम्मत नहीं थी।’

    इस चैट शो के दौरान भारती सिंह ने अपने बचपन के स्ट्रगल के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा, ‘मुझे याद है कि दुकानदार हमारे घर पर आकर अपनी उधारी मांगते थे। वे मेरी मां का हाथ पकड़ लेते थे। तब मुझे पता नहीं था कि वे मेरी मां के साथ बदतमीजी कर रहे हैं। यहां तक कि एक बार तो एक ने मेरी मां के कंधों पर हाथ भी रख दिया था। तब मेरी मां ने कहा- तुम्हें शर्म नहीं आती है। मेरे बच्चे हैं, मेरे पति गुजर चुके हैं और तुम इस तरह से व्यवहार कर रहे हो।’

    भारती ने आगे बताया कि उनकी मां माता रानी के दुपट्टे भी बनाती थीं और घर में हमेशा मशीन के चलने की आवाज आती थी। यहां तक की आज जब वह सेट के कॉस्ट्यूम रूम में जाती हैं तो मशीन की आवाज सुनकर घबरा जाती हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं इस शोर में 21 साल तक रही और अब वापस उस शोर में नहीं जाना चाहती। हमने नमक रोटी खाई है, लेकिन आज हम दाल, सब्जी और रोटी खाते हैं। मैं यही सोचती हूं कि हमारे परिवार के पास दाल तो हो खाने के लिए। मैं कभी अपने परिवार को पुरानी सिचुएशन में नहीं देखना चाहती।’