Gondia District Court Inuagration

  • न्यायमूर्ति गवई ने किया लोकार्पण

गोंदिया. जिला अपर व सत्र न्यायालय की विस्तारित नई इमारत का लोकार्पण करते समय गोंदिया की पुराने वकीलों के साथ काम करने का स्मरण कर आपके लिए विस्तारित इमारत का उद्घाटन होने पर अधिक आनंद हो रहा है. इस इमारत के लिए वकील संघ के अध्यक्ष एड.टी.बी.कटरे की भागदौड़ का उल्लेख कर उनका अभिनंदन किया. इमारत का दिल्ली सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति भूषण गवई के हस्ते उद्घाटन किया गया.

कार्यक्रम की अध्यक्षता हाईकोर्ट के न्यायधीश मुरलीधर गिरटकर ने की. प्रमुख अतिथि के रूप में मुंबई सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता, न्यायमूर्ति रवि देशपांडे, न्यायमूर्ति नितीन बोरकर उपस्थित थे. मंच पर जिला प्रमुख न्यायाधीश सुहास माने, बार एसो. के अध्यक्ष एड.टी.बी.कटरे, जिला पुलिस अधीक्षक विश्व पानसरे, जिलाधीश दीपककुमार मीना, जिप सीईओ प्रदीपकुमार डांगे, डा.भुषणकुमार रामटेके, नप सीओ करण चव्हान व न्यायाधीशगण उपस्थित थे.

न्यायमूर्ति गवई ने कहा कि मेरी वकीली की शुरुआत गोंदिया से हुई है. गोंदिया न्यायालय की इमारत का लोकार्पण हो रहा है यह मेरे लिए आनंददायी है. मैने 1995 में जब इस स्थान से वकीली शुरू की थी तब की परिस्थिति व आज परिस्थिति अलग है. जिला न्यायालय के जिला पालक न्यायमूर्ति मुरलीधर गिरटकर ने कहा कि न्यायालय के लिए 10 एकड़ जगह की आवश्यकता थी लेकिन शहर में इतनी बड़ी जगह उपलब्ध नही थी.

न्यायालय को शहर के बाहर ले जाना कठीन था. जिससे तत्कालीन जिलाधीश अमित सैनी ने न्यायालय परिसर का निरीक्षण किया. इसके बाद उन्होंने अपने कक्ष में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर आजू बाजू की जगह लेने का प्रस्ताव तैयार करने कहा था. इस पर अधिवक्ता संघ के एड.टी.बी.कटरे की मदद से न्यायालय में याचिका दाखिल की गई. नागपुर के तत्कालीन न्यायमूर्ति भुषणकुमार गवई का ध्यान आकर्षित कर उस जमीन के लिए आदेश पारित किया गया.