No paddy buying center in Ambernath even after record production
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    गोंदिया. कोरोना के आपदाकाल में भी कृषि उत्पादन ने देश की आर्थिक गति को संभाले रखा है. शासन व प्रशासन सतत किसानों के साथ खड़े रहने का दावा कर रहे हैं लेकिन किसानों के साथ कोई भी खड़ा नहीं है. इसका अनुभव जिले की अर्जुनी मोरगांव तहसील में होने लगा है. इस तहसील के पट‍्टेधारक किसानों के सात बारा नहीं होने से अनके धान खरीदी करने से केंद्र ने साफ इंकार कर दिया है जिससे किसान धान केंद्र के चक्कर काट रहे हैं. वहीं दूसरी ओर एसआरएम ने किसानों क सूची भेजी है. ऐसा बताकर उन किसानों को खुले में छोड़ दिया गया है.

    उल्लेखनीय है कि दो माह के विलंब उपरांत खरीदी केंद्र शुरू हुए हैं. रबी मौसम के धान बिक्री करने के लिए इस बार शासन ने सात बारा ऑनलाइन पंजीयन की शर्त लाद दी है. इसमें पट‍्टेधारक किसानों को पंजीयन करने का पर्याय नहीं होने से पट‍्टेधारक किसान पंजीयन नही करा सके. जिससे उनके धान की खरीदी संबंधी ठोस निर्णय कोई भी नहीं बता रहा है.

    आदिवासी विविध कार्यकारी सहकारी संस्था गोठनगांव इस संस्था के अंतर्गत किसान खरीदी केंद्रों पर चक्कर काटकर थक चुके हैं लेकिन उनकी धान लेने के लिए संस्था तैयार नहीं है. इसके लिए तहसीलदार व महामंडल के अधिकारियों ने सभी केंद्रों को पट‍्टेधारक किसानों की सूची दी है. जिससे उनके धान खरीदी होने की बात कही गई थी. जबकि संस्था के कर्मचारी व संचालकों से पूछताछ करने पर उन्होंने इस संबंध में कोई भी पत्र नहीं होने की जानकारी दी. 

    बिक्री को लेकर चिंता

    इतना ही नहीं, धान खरीदी नहीं कर सकते कहकर किसानों को खाली हाथ लौटा रहे हैं. जिससे पट‍्टेधारक किसान चिंता में पड़ गए हैं. दूसरी ओर अधिकारी भी किसानों की धान खरीदी के संदर्भ में अपने हाथ झटकने लगे हैं. इस गंभीर समस्या से पट‍्टेधारक किसान धान की बिक्री कहां करें, ऐसा प्रश्न निर्माण हो गया है. इस संदर्भ में शासन उचित निर्णय लेकर पट‍्टेधारक किसानों की समस्या का निवारण करे, ऐसी मांग किसानों ने की है.