मार्च महिना खत्म होने से पहले जान लें इन्वेस्टमेंट प्रूफ भरना क्यों है जरुरी? पढ़ें टीडीएस बचाने का आसान तरीका

    मुंबई: प्राइवेट नौकरी (Private Job) से लेकर हर किसी को मार्च महीने आते ही टीडीएस (TDS) भरना पड़ता है। इसके लिए सभी को इन्वेस्टमेंट प्रूफ (Investment Proof) भरना पड़ता है। जिससे लोग टैक्स बचा सकें। लेकिन प्राइवेट कंपनी में जो लोग काम करते हैं और इन्वेस्टमेंट प्रूफ नहीं जमा करते हैं टीडीएस काटकर उनकी सैलरी (Salary) बैंक अकाउंट (Bank Account) में आती है। टैक्स सेविंग प्रूफ (Tax Saving Proof) के लिए अगर आईटी (Income Tax) में आप छुट चाहते हैं तो आपको अपने निवेश की जानकारी मुहैया करानी पड़ती है। 

    बता दें कि टैक्स बचाने का सबसे सही तरीका है की आप समय से इन्वेस्टमेंट प्रूफ जमा कर दें। जिससे बहुत ही आसान तरीके से आपका टीडीएस बचेगा। निवेश से जुड़ी जानकारी आपको एक फॉर्म में भरकर देनी पड़ेगी। जिसमें आप बताएं की निवेश किन जगहों पर किया गया है। यह सारी जानकारी फाइनेंसियल ईयर के लास्ट महीने में आपको देनी चाहिए वरना इसका सीधा असर आपकी सैलरी पर पड़ेगा।

    उल्लेखनीय है कि इनकम टैक्स की धारा 80सी के माध्यम से भी अगर आप डिटेल्स देते हैं तो भी चलेगा। क्योंकि इस चीज से आप 1.50 लाख रुपये तक के टैक्स बेनिफिट के हकदार रहेंगे। बतौर इन्वेस्टमेंट प्रूफ आप  सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश, इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम में निवेश की जानकारी, लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी प्रीमियम की रिसीप्ट, पीपीएफ में इन्वेस्ट की स्लिप, नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट और एनपीएस की डिटेल्स मुहैया कराकर आप बिना किसी दिक्कत के टीडीएस बचा पाएंगे।