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रांची. एक तरफ बिहार (Bihar) में चुनाव (Elections) की सरगर्मियां तेज हैं। वहीँ इन सबके बीच  राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के लिए एक अच्छी बात सामने आ रही है। आज RJD अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) को चाईबासा ट्रेजरी केस में जमानत मिल गयी है। लेकिन वे फिलहाल जेल से नहीं निकल पाएंगे, क्योंकि दुमका ट्रेजरी मामले की सुनवाई अभी होनी है। बता दें की लालू यादव ने चाईबासा ट्रेजरी केस में अपनी आधी सजा पूर्ण कर ली है।

झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने चारा घोटाले के चाईबासा कोषागार से गबन के मामले में लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए आज उन्हें इस आधार पर जमातन दे दी कि उन्होंने पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा में से 30 माह न्यायिक हिरासत में पूरे कर लिये हैं। उच्च न्यायालय ने लालू यादव को इस मामले में जमानत के लिए पचास-पचास हजार रुपये के दो निजी मुचलके देने और दो लाख रुपये की जुर्माने की राशि विशेष सीबीआई अदालत में जमा कराने के भी निर्देश दिये हैं।

बता दें कि इसके पहले लालू यादव ने चाईबासा ट्रेजरी केस में अपनी आधी सजा पूरी कर लेने के मुद्दे पर जमानत अर्जी डाली थी। वहीं CBI ने पिछली सुनवाई में यह दलील दी थी कि लालू की अभी आधी सजा पूरी होने में 26 दिन और बाकी है। जिसके चलते मामले की सुनवाई 9 अक्टूबर तक के लिए टाल दी गई थी। आज लालू यादव को इसी चाईबासा केस में जमानत दे दी गई है।

लेकिन मुद्दा यह है कि लालू यादव को अभी जेल में ही रहना होगा, क्योंकि चारा घोटाले के दुमका केस में वे सजायाफ्ता हैं और मामले में उन्हें अभी जमानत मिलनी बाकी है। यह भी बताते चलें कि नवंबर में दुमका केस में भी लालू यादव की सजा की आधी पूरी हो जाएगी। जिसके चलते लालू प्रसाद और उनके वकील भी इस उम्मीद से हैं कि  नवंबर के बाद वो जेल के बहार हो सकते हैं।

पता हो कि एक तरफ बिहार में विधानसभा चुनाव होने जा रहा है। ऐसे में लालू यादव की जमानत काफी अहम् हो सकती है। हालाँकि इसके पहले लालू यादव को चारा घोटाला के पिछले तीन मामलों में जमानत मिल चुकी है। फिलहाल सजा काट रहे लालू यादव रांची के रिम्स अस्पताल में भर्ती हैं और अब कोरोना संक्रमण के चलते वे यहाँ के डायरेक्टर बंगले में रखे गए हैं।

हालाँकि, लालू के लंबे समय से राजेन्द्र आयुर्विग्यान संस्थान:रिम्सः में इलाज के लिए भर्ती होने के मामले का संज्ञान लेते हुए उच्च न्यायालय ने रिम्स प्रशासन को लालू यादव के स्वास्थ्य की विस्तृत रिपोर्ट न्यायालय में सुनवाई की अगली तारीख छह नवंबर से पूर्व पेश करने के निर्देश दिये हैं। राज्य सरकार से न्यायालय ने रिम्स में रहने के दौरान लालू यादव से मुलाकातियों का विवरण भी मांगा है।

चाईबासा के इस मामले के अलावा लालू को पूर्व में देवघर कोषागार से गबन और चाईबासा के एक अन्य मामले में पहले ही जमानत मिल चुकी है लेकिन दुमका कोषागार से गबन के मामले में उन्हें अब तक जमानत नहीं मिली है जिसके चलते अभी उन्हें न्यायिक हिरासत में ही रहना होगा। लालू को चारा घोटाले के चाईबासा मामले में जमानत के लिए पचास पचास हजार रुपये के दो निजी मुचलके देने साथ ही इस मामले में सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा दी गयी जुर्माने की सजा के दो लाख रुपये भी सीबीआई की विशेष अदालत में जमा कराने होंगे।