An image of renunciation and patriotism Netaji Subhash Chandra BoseAn image of renunciation and patriotism Netaji Subhash Chandra Bose
Representational Pic

    नयी दिल्ली. केंद्रीय संस्कृति मंत्री प्रह्लाद पटेल (Union Culture Minister Prahlad Patel) ने रविवार को कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की टोपी (Netaji Subhash Chandra Bose’s Cap) कोलकाता में प्रदर्शनी के लिये विक्टोरिया मेमोरियल को दी गई है। इससे पहले स्वतंत्रता सेनानी के परपोते ने दावा किया था कि टोपी “दूसरी जगह स्थानांतरित कर दी गई जहां के लिये वह नहीं थी।”

    चंद्र कुमार बोस ने कहा कि दिल्ली के लाल किले में नेताजी को समर्पित एक संग्रहालय के उद्घाटन के दौरान यह टोपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपी गई थी।

    प्रधानमंत्री और केंद्रीय संस्कृति मंत्री को टैग करते हुए एक ट्वीट में उन्होंने कहा, “बोस परिवार ने नेताजी की ऐतिहासिक टोपी माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को लाल किला संग्रहालय में रखने के लिये दी थी, कहीं और स्थानांतरित नहीं किया जाना था। नरेंद्र मोदीजी से अनुरोध है कि टोपी को उसके मूल स्थान पर रखे जाने का निर्देश दें।”

    कुछ घंटों बाद पटेल ने एक ट्वीट में कहा, “नेताजी सुभाष चंद्र बोस की टोपी और उनकी तलवार पूरी तरह सुरक्षित हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल को नेताजी से जुड़ी 24 चीजें कुछ समय के लिये उधार दी हैं। यह नेताजी की 125वीं जयंती के अवसर पर आयोजित प्रदर्शनी के लिये दी गई थीं। इन्हें जल्द वापस लाया जाएगा।”

    संस्कृति मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि ऐतिहासिक टोपी इस साल जनवरी में कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल ले जाई गई थी जहां नेताजी की 125वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उपस्थिति में एक कार्यक्रम आयोजित हुआ था।

    मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा, “प्रोटोकाल का पालन करते हुए लाल किला संग्रहालय से यह टोपी विक्टोरिया मेमोरियल को जनवरी से छह महीनों की अवधि के लिये उधार दी गई थी। इस अवधि को एक साल के लिये बढ़ाया जा सकता है। एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर के बाद यह सामान दिया गया था।”

    उन्होंने कहा, “यह टोपी एएसआई द्वारा 125वीं जयंती समारोह कार्यक्रम के लिये उधार दिए गए कई सामान में शामिल थी। इन्हें समुचित सुरक्षा व बीमा के साथ कोलकाता भेजा गया था। इस सहमति-पत्र की अवधि 18 जुलाई को खत्म होगी और आगे के कदम उठाए जाएंगे।”

    केंद्र सरकार ने 23 जनवरी 2019 को लाल किले में नेताजी सुभाष चंद्र बोस को समर्पित एक संग्रहालय का उद्घाटन किया था। संग्रहालय का उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी ने किया था और बोस परिवार ने संग्रह के लिये टोपी भेंट की थी। (एजेंसी)