NITI Aayog

नयी दिल्ली.  नीति आयोग (Niti Aayog) बृहत्तर भलाई के लिये पारंपरिक व आधुनिक रवैये को एक साथ मिलाते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के कई विचारों पर गौर कर रहा है। नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने रविवार को इसकी जानकारी दी। पॉल ने कहा कि सरकार चिकित्सा की पारंपरिक प्रणाली (होम्योपैथी और आयुर्वेद) के साथ-साथ आधुनिक चिकित्सा पद्धति (एलोपैथी) को मजबूत करने के लिये प्रतिबद्ध है।

उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘यह एक बढ़िया विचार है कि लोगों की भलाई के लिये पारंपरिक चिकित्सा तथा आधुनिक चिकित्सा प्रणालियों को एक साथ लाया जाये। एकीकृत चिकित्सा के अभ्यास के तरीके भी उपलब्ध हैं।” पॉल ने कहा कि यह काफी हद तक पहले से ही शुरू हो चुका है और अब हाइपरटेंशन समेत कई बीमारियों के लिये उपचार में योग हिस्सा बनाया जा चुका है। उन्होंने कहा, ‘‘समाज के बड़े लाभ के लिये इन दृष्टिकोणों को तारतम्य बिठाने की गुंजाइश है … एक शोध संस्थान के रूप में, हम स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के कई विचारों को देख रहे है और लोगों की भलाई के लिए पारंपरिक तथा आधुनिक दृष्टिकोणों अधिक तालमेल की संभावनाओं पर गौर कर रहे हैं।”