नीतीश के ‘‘8-9 बच्चों” के तंज पर तेजस्वी ने कहा, शारीरिक, मानसिक रूप से थक चुके हैं मुख्यमंत्री

पटना. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ‘‘8-9 बच्चों” को लेकर एक चुनावी रैली में पूर्व मुख्यमत्री लालू प्रसाद पर परोक्ष तंज किया जिस पर पलटवार करते हुए लालू के पुत्र एवं राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि जदयू प्रमुख ‘‘शारीरिक-मानसिक रूप से थक चुके हैं।” तेजस्वी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मेरे परिवार पर टिप्पणी करके नीतीश कुमार ने कहीं न कहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा हैं क्योंकि वे (मोदीँ) भी 6-7 भाई-बहन हैं ।”

दरअसल, नीतीश कुमार ने एक चुनावी रैली में विकास कार्य का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘ किसी को चिंता है । 8-9 बच्चे पैदा करते हैं। बेटी पर भरोसा नहीं है। कई बेटियां हो गई, तब बेटा हुआ । कैसा बिहार बनाना चाहते हैं ? ” बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि यही लोगों के आदर्श हैं तो समझ लीजिए बिहार का क्या बुरा हाल होगा…सब बर्बाद हो जाएगा।

नीतीश ने कहा, ‘‘ हम सेवा करते हैं जबकि वो मेवा और माल की चाह रखते हैं। अपने इन्हीं कर्मों की वजह से अंदर (जेल) जाते हैं।” मुख्यमंत्री ने अपने भाषण के दौरान हालांकि किसी का नाम नहीं लिया। हालांकि समझा जाता है कि उनका संकेत राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद और उनकी पत्नी राबड़ी देवी पर था, जिनके नौ बच्चेहैं ।

नीतीश के बयान पर पलटवार करते हुए तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया, ‘‘ आदरणीय नीतीश जी मेरे बारे में कुछ भी अपशब्द कहे वो मेरे लिए आशीर्वचन है। नीतीश जी शारीरिक-मानसिक रूप से थक चुके है इसलिए वो जो मन करे, कुछ भी बोले। मैं उनकी हर बात को आशीर्वाद के रूप में ले रहा हूँ। इस बार बिहार ने ठान लिया है कि रोटी-रोजगार और विकास के मुद्दों पर ही चुनाव होगा।”

राजद नेता ने कहा कि उनके बहाने नीतीश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बना रहे हैं । तेजस्वी ने कहा कि अगर ऐसी बोली वो बोलते हैं तो वो महिलाओं की मर्यादा को ठेस पहुंचा रहें । नीतीश उनकी मां की मर्यादा को ठेस पहुंचाने का काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक चुनावी सभा को संबोधित हुए दिवंगत रघुवंश प्रसाद सिंह के साथ अंतिम दिनों में राष्‍ट्रीय जनता दल में हुए व्‍यवहार का मुद्दा उठाकर विपक्षी राजद और उसके नेता तेजस्‍वी यादव को घेरने की कोशिश की और कहा कि ऐसे लोग अपने परिवार को छोड़कर और किसी को अपना नहीं मानते हैं । 

नीतीश ने सवाल किया, ‘‘जो रघुवंश बाबू 1990 से लगातार उनका (राजद) साथ देते रहे, उनके साथ कैसा व्यवहार किया । जब रघुवंश बाबू की तबीयत खराब थी तब उनके साथ कैसा व्‍यवहार किया गया।” गौरतलब है पार्टी की कुछ बातों से असहमति जताते हुए रघुवंश प्रसाद सिंह ने अपने निधन से कुछ ही दिनों पहले पार्टी छोड़ दी थी। (एजेंसी)