केंद्र सरकार ने किसानों को फिर लिखा पत्र,  कहा- अभी भी बातचीत के रास्ते खुले

नई दिल्ली: कृषि कानूनों (Agriculture Bill) को लेकर केंद्र सरकार (Central Government) ने आंदोलन कर रहे किसानों (Farmer Protest) को पत्र लिखा है. गुरुवार को कृषि मंत्रालय (Agriculture Ministry) के संयुक्त सचिव विवेक अग्रवाल (Vivek Agrawal) द्वारा लिखे पत्र में सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि वह किसानों की हर मांग और संशय को हल करने और चर्चा के लिए तैयार है.

ज्ञात हो कि, इसके पहले भी सरकार ने किसान संगठनों को पत्र लिख कर चर्चा करने के लिए बुलाया था. सरकार ने अपने पत्र में किसानों को अपने सुविधानुसार तारीख और जगह तय करने का अनुरोध किया था. जिसपर जवाब देते हुए किसानों ने सरकार के प्रस्ताव को नामंज़ूर कर दिया है, इसी के साथ तीनों कानूनों को रद्द करने की मांग की है. 

किसान संगठनों ने की कृषि मंत्री से मुलाकात 

कृषि कानूनों के समर्थन में आज फिर किसान प्रतिनिधियों ने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की है. इस बैठक में किसान मजदूर संघ के 60 प्रतिनिधि शामिल थे. बैठक के बाद बाहर निकले कृषि मंत्री ने कहा, “बागपत से आए सभी किसानों ने तीनों कृषि कानून का समर्थन किया है. अपना समर्थन पत्र देते हुए सभी ने किसी के भी दवाब में नहीं झुकना चाहिए।”

कांग्रेस ही राहुल गांधी को गंभीरता से नहीं लेती 

कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए तोमर ने कहा, “राहुल गांधी जो भी कहते हैं, यहां तक कि कांग्रेस भी इन्हें गंभीरता से नहीं लेती है। आज जब वे हस्ताक्षर के साथ राष्ट्रपति के पास अपना विरोध दर्ज कराने गए, तो इन किसानों ने मुझसे कहा कि कांग्रेस से कोई भी उनके पास अपना हस्ताक्षर लेने नहीं आया।”

कांग्रेस किसान विरोधी

कांग्रेस नेता द्वारा कृषि कानूनों के विरोध में राष्ट्रपति से मिलकर निवेदन देने पर केंद्रीय मंत्री ने कहा, “अगर राहुल गांधी इतने चिंतित होते, तो किसानों के लिए कुछ कर सकते थे, जब उनकी सरकार सत्ता में थी। कांग्रेस का चरित्र हमेशा किसान विरोधी रहा है।”