JINNAH-AND-MODI

    अलीगढ़. आज सुबह की बड़ी खबर के अनुसार उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में लगी मोहम्मद अली जिन्ना (Mohd. Ali Jinnah) की तस्वीर पर एक बार फिर जोरदार राजनीति शुरू हो गई है। दरअसल अब जिन्ना की तस्वीर को यहाँ हटाने की मांग को लेकर अब बीजेपी कार्यकर्ताओं ने खून से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के नाम एक पत्र लिखा है। इसके साथ ही इन लोगों ने यह भी कहा कि अगर ऐसा नहीं किया जाता है, तो वे खुद ही इस तस्वीर को हटा देंगे। 

    क्या है घटना:

    बता दें कि AMU में मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर वैसे भी समय-समय पर बवाल उठता रहा है। खुद अलीगढ़ के सांसद सतीश कुमार गौतम भी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठा चुके हैं। उन्होंने कहा था कि AMU के यूनियन हॉल से हर हाल में जिन्ना की इस तस्वीर को हटाई जाए

    हालाँकि सांसद के इस बयान पर AMU के तमाम छात्र विरोध में आ गए थे। वहीं देश में भी कई स्थानों पर सांसद का विरोध हुआ था। उधर, भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष मुकेश लोधी ने भी जिन्ना की तस्वीर को हटाए जाने को लेकर अपना एक मोर्चा खोला था। उस समय भी इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ा था। इस क्रम में अब बीते गुरुवार को एक बार फिर BJP के मंडल मीडिया प्रभारी शिवांग तिवारी ने जिन्ना की तस्वीर हटाए जाने को लेकर अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खून से लिखा एक बड़ा पत्र भेजा है।

    JINNAH

    अपने इस खून से लिखे पात्र में उन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित कर लिखा है कि, “पाकिस्तान के जनक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर AMU में लगी हुई है। इसीलिए आपसे करबद्ध निवेदन है कि भारत माता के टुकड़े करने वाले जिन्ना की तस्वीर को वहां से शीघ्र हटवाया जाए। आप भारत मां के सच्चे सपूत हैं। अलीगढ़ का युवा वर्ग आपको बड़ी उम्मीद के साथ यह पत्र लिख रहा है। इससे युवाओं के अंदर उत्साह आएगा और वह आपके प्रति कृतज्ञ होंगे।” शिवांग तिवारी ने इस मुद्दे पर कहा कि हम सभी साथियों ने खून से लिखा पत्र भेजा है, मुझे उम्मीद है कि पीएम हमारी मांग को जरूर पूरा करेंगे।

    क्या वाकई अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में है जिन्ना की तस्वीर 

    दरअसल AMU के स्टूडेंट यूनियन हॉल में जिन्ना की तस्वीर साल 1938 से लगी हुई है, जब जिन्ना को यहाँ आजीवन सदस्यता दी गई थी। ये आजीवन मानद सदस्यता दरअसल AMUस्टूडेंट यूनियन देता है। पहली सदस्यता यहाँ पर महात्मा गांधी को दी गई थी। इसके बाद के सालों में क्रमशः डॉ भीमराव आंबेडकर, सीवी रमन, जय प्रकाश नारायण, मौलाना आज़ाद को भी आजीवन सदस्यता दी गई। इनमें से ज़्यादातर की तस्वीरें अब भी इसी हॉल में लगी हुई हैं।

    क्यों हो रहा जिन्ना की तस्वीर पर घमासान

    इस मुद्दे पर कुछ समय पहले AMU में इतिहास के प्रोफ़ेसर मोहम्मद सज्जाद का कहना था कि, “जो लोग बंटवारे में जिन्ना की भूमिका को लेकर ये सवाल कर रहे हैं कि 1947 के बाद से इस तस्वीर को हटाया क्यों नहीं गया। दरअसल AMU इतिहास को मिटाने में यकीन नहीं रखता है। जैसे कि आजकल आप ऐतिहासिक इमारतों के साथ होता देख रहे हैं।”

    भारत में और कहां-कहां है जिन्ना?

    हालाँकि भारत में कई और भी जगहें है, जघन जिन्ना की तस्वीरें भी लगी हुई हैं। जी हाँ महाराष्ट्र के मुंबई के इंडियन नेशनल कांग्रेस के दफ्तर में 1918 से ही जिन्ना की तस्वीर लगी हुई है। बता दें कि मुंबई में जिन्ना हाउस भी है।