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    जलगांव. कोरोना संक्रमण (Corona Infection) की दूसरी लहर (Second Wave) का आगाज बेहद कम संक्रमित मरीजों से हुआ था। कुछ दिनों के बाद अचानक से मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया। 100 से 200 के बीच नए मरीजों (New Patients) का निदान किया जा रहा था। इसके बाद यह संख्या बढ़कर 1500 हो गई थी। अब कोरोना की लहर धीमी हो रही है और जलगांव जिले में संक्रमित मरोजों की संख्या भी कम हो रही है। अब जलगांव जिला सबसे कम पॉजिटिविटी दर वाला राज्य का दूसरा जिला बन गया है। 

    फिलहाल जिले का पॉजिटिविटी रेट 3.83 प्रतिशत पर आ गया है। 3.44 प्रतिशत की पॉजिटिविटी दर के साथ भंडारा जिला राज्य में पहले स्थान पर है। जिले में 15 फरवरी को कोरोना की दूसरी लहर आने के बाद अगले दो महीनों में अचानक मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया था।  हालांकि पिछले 8 दिनों में संक्रमित मरीजों की संख्या में जोरदार तरीके से कमी आई है। इससे पहले जिले में 4,000 से 5,000 टेस्ट किए जा रहे थे। दूसरी लहर में परीक्षणों की संख्या एक दिन में 17,000 से बढ़कर 18,000 हो गई थी। इससे संक्रमित मरीजों की संख्या में भी इजाफा हुआ था। हालांकि, जिला प्रशासन द्वारा समय पर निदान और उपचार सहित सख्त पाबंदियां लगाने के कारण कोरोना के प्रकोप को नियंत्रित करने में सफलता मिली है।

    जिले का रिकवरी रेट बढ़ा

    पिछले हफ्ते कोरोना रोगियों की ठीक होने की दर 91.24 प्रतिशत थी। जिला प्रशासन के अथक प्रयासों से कोरोना बीमारी की रिकवरी दर में भी वृद्धि हुई है। नए मरीजों की तुलना में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या दोगुनी और तिगुनी हो गई है। जिले में इस समय कोरोना संक्रमित मरीजों के ठीक होने की दर 93.38 प्रतिशत है। कोरोना पीड़ितों की संख्या अब तक एक लाख 38 हजार 906 हो गई है।

    एक हफ्ते में 5380 मरीज हुए ठीक 

    जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित समय-समय पर कड़े नियम और टेस्टिंग के साथ ही इलाज के कारण ही जिले में संक्रमण को काबू में किया गया। वहीं राहत की बात यह है कि एक हफ्ते में 5 हजार 380 संक्रमित लोग कोरोना पर काबू पा चुके हैं, जो नए मरीजों से दोगुना है।  -जिला सर्जन डॉ. एन.एस. चव्हाण