OBC reservation

    धुलिया. समता परिषद (Samta Parishad) के नेतृत्व में ओबीसी संगठनों ने ओबीसी (OBC) के राजनीतिक आरक्षण के लिए शहर के नगावबारी चौफुली में मुंबई-आगरा राजमार्ग (Mumbai-Agra Highway) पर सड़क जाम कर दिया। केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आधे घंटे तक हाईवे को जाम (Jam) कर दिया गया। इसके चलते यातायात बाधित हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न मांगों की तख्ती हाथ में उठाई थी।

    पश्चिम देवपुर थाने के पीआई रविंद्र देशमुख के नेतृत्व में एक टीम ने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर यातायात सुचारू किया। संवैधानिक शर्तों को पूरा न करने के कारण ओबीसी का राजनीतिक आरक्षण स्थगित कर दिया गया है। अखिल भारतीय समता परिषद ने अखिल भारतीय महात्मा फुले समता परिषद के नेतृत्व में सभी ओबीसी संगठनों के साथ मिलकर ओबीसी जनगणना सहित विभिन्न मुद्दों पर आरक्षण बचाने के लिए और केंद्र सरकार के खिलाफ जिले में रास्ता रोको आंदोलन कर रही है।

    सुप्रीम कोर्ट के फैसले से कम हो गयी ओबीसी सीटें

    सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में राज्य के 5 जिलों में स्थानीय निकायों में ओबीसी आरक्षण के खिलाफ दायर एक याचिका पर फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से महाराष्ट्र के 27 नगर निगमों की कुल 2,736 सीटों में से 740 सीटों की कटौती की जा रही है। 128 नगर पंचायतों और 241 नगर पालिकाओं की 7493 सीटों में से 2,099 सीटें कम की जाएगी। 34 जिला परिषदों की 2 हजार सीटों में से 535 और 351 पंचायत समिति में 4 हजार सीटों में से 1 हजार 29 सीटों की कटौती की जाएगी। 27 हजार 782 ग्राम पंचायतों में लगभग 1 लाख 90 हजार 691 सीटों में से 51 हजार 486 सीटें कम की जा रही हैं।

    राजनीतिक आरक्षण रद्द होने से पूरे देश पर पड़ेगा असर

    अदालत के फैसले का नौकरी या शैक्षिक आरक्षण पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है, लेकिन राजनीतिक आरक्षण रद्द कर दिया गया है। इसका असर राज्य ही नहीं पूरे देश पर पड़ेगा। इसमें सभी ओबीसी संगठनों को एक साथ आने और लड़ाई शुरू करने के लिए प्रेरित किया है। यह आंदोलन समता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष छगन भुजबल के आदेश पर और नाशिक संभाग के अध्यक्ष बालासाहेब कर्डक के मार्गदर्शन में किया गया था। इस दौरान राजेश बागुल, समता परिषद के जिलाध्यक्ष, गोपाल देवरे, महापौर सतीश महाले, बापू महाजन, आर.के. माली, बापू खलाने, ज्ञानेश्वर माली सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।