महाराष्ट्र राज्य सुरक्षा निगम, महानिदेशक संजय पांडेय
महाराष्ट्र राज्य सुरक्षा निगम, महानिदेशक संजय पांडेय

    मुंबई: एंटीलिया (Antilia) और मनसुख हिरेन हत्या (Mansukh Hiren Case) मामला मामले में गिरफ्तार सचिन वाझे (Sachin Waze) को लेकर घिरी महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार (Mahavikas Aghadi Government) की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही है। विपक्षी दलों के साथ-साथ अब पुलिस के अधिकारी भी सरकार पर सवाल उठाने लगे हैं। गुरुवार को महाराष्ट्र राज्य सुरक्षा निगम के महानिदेशक (Maharashtra State Security Corporation DG)  संजय पांडे (Sanjay Pandey) ने सरकार पर बड़ा प्रश्नचिन्ह लगाते हुए कहा कि, “हम सुरक्षित हाथो में नहीं।”

    पांडेय ने कहा, “1993 में पुलिस अधिकारी, डीसीपी जोन 8 के रूप में, मैंने खेरवाड़ी के पास के इलाकों में शिवसेना के खिलाफ एक न्यायिक जांच की … मेरे साथ स्कोर का निपटान करने के लिए सरकार बहुत बड़ी संस्था है। यदि वे हैं, तो हम सुरक्षित हाथों में नहीं हैं।”

    दरअसल, संजय पांडे ने अपने और अपने अन्य साथी आईपीएस अधिकारीयों के तबादले को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और गृहमंत्री अनिल देश मुख को पत्र लिखा है। उन्होंने खुद के साथ अन्याय होने की बात अपने पत्र में लिखी है। 

    सरकारों ने किया मेरे साथ अन्याय

    डीजी पांडे ने कहा, “सिर्फ वर्तमान सरकार ही नहीं बल्कि पिछली सरकार भी मेरे साथ अन्याय करती रही है। वरिष्ठ रैंकों के बीच स्थानान्तरण और नियुक्ति करते समय वरिष्ठता की अनदेखी की गई। वर्तमान सरकार के कार्य एससी के आदेशों के अनुसार नहीं हैं।”

    ज्ञात हो कि, मुंबई के पूर्व कमिश्नर रहे परमबीर सिंह ने तबादले के साथ साथ संजय पांडेय का भी तबादला किया गया। परमबीर सिंह को जहां होमगार्ड का डीजी नियुक्त किया गया है, वहीं पांडेय को महाराष्ट्र राज्य सुरक्षा निगम की जिम्मेदारी दी गई है। इसके पहले तक संजय पांडे महाराष्ट्र राज्य सुरक्षा निगम के अतिरिक्त प्रभार के साथ होमगार्ड्स के महानिदेशक थे। 

    जांच में बाधा न आए इसलिए हटाया 

    परमबीर सिंह को हटाने पर सफाई देते हुए कहा, “एनआईए और एटीएस सचिन वेज मामले की बहुत पेशेवर तरीके से जांच कर रहे हैं। उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। परम बीर सिंह को मुंबई पुलिस आयुक्त के पद से स्थानांतरित किया गया है ताकि जांच बिना किसी बाधा के की जा सके।”