LAHANE-UDHHAV

    मुंबई. जहाँ कोरोना (Corona) ने महाराष्ट्र (Maharashtra) में एक बार फिर अपना सर उठाया है। वहीं अब दिन प्रतिदिन यहाँ मरीजों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। अब ऐसे में इस इस स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए ठाकरे सरकार क्या निर्णय लेगी, इस पर खैर सभी की निगाहें हैं। लेकिन वहीँ इन सबके बीच, चिकित्सा शिक्षा निदेशक, वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. तात्याराव लहाने (Dr Tatyarao Lahane) ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Udhhav Thackrey) के ज्ञान की सराहना की है। उन्होंने यह कहा कि “यह उनका ही मार्गदर्शन था जिसने हमें कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अच्छा प्रदर्शन करने में मदद की।” 

    इस के साथ ही उनका कहना था कि, आज महाराष्ट्र में पर्याप्त प्रयोगशालाएं हैं जो प्रतिदिन 2 लाख परीक्षण कर सकती हैं। वहीं राज्य में कोरोना मृत्यु दर 38% से घटकर आज 2.5% से भी कम हो गई है। यह सब उद्धव सरकार के सहयोग के कारण ही संभव हुआ है। ऐसा डॉ. तात्याराव लहाने ने कहा।

    क्या फिर होगा लॉकडाउन?

    देखा जाए तो महाराष्ट्र में अब मरीजों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। जिसके चलते लॉक डाउन भी एक विकल्प हो सकता है रही ऐसा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने चेतावनी देते हुआ कहा है। इसलिए अब राज्य में कुछ जगहों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। फिलहाल सबसे ज्यादा खराब स्थिति महाराष्ट्र (Maharashtra) की है जहां शुक्रवार को 25,681 लोग कोरोना से संक्रमित पाये गये हैं। अब यह संख्या देश में कुल मिले मरीजों में करीब 63% है। वहीं अब तक 1।15 करोड़ लोगों को कोरोना ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है जबकि वहीं 1।11 करोड़ ठीक हुए हैं। वहीं 1।2459 लाख लोगों की जान कोरोना से गयी है। फिलहाल महाराष्ट्र में 2।85 लाख कोरोना मरीजों का इलाज हो रहा है। 

    इधर राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते हुए मामलों के बीच राज्य सरकार ने बीते शुक्रवार को थियेटर और सभागारों में आने वाले लोगों की संख्या सिमित रखने का एक आवश्यक निर्देश दिया है। सरकार ने इसमें कहा है कि आगामी 31 मार्च तक ये 50% क्षमता के साथ ही संचालन करें। वहीं शुक्रवार को सरकार की ओर से इसी तरह की जारी एक अधिसूचना में निजी कार्यालयों को भी अब सिर्फ 50 फीसदी क्षमता के साथ ही कार्य करने की मंजूरी दी गई है। हालांकि इससे स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक सेवा वाले कार्यालयों को फिलहाल बाहर रखा गया है।