Sanjay raut

    मुंबई. मनी लॉन्ड्रिंग और कथित रूप से अवैध सम्पति अर्जित करने के मामले में फंसे शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक (MLA Pratap Sarnaik) के बारे में जल्द ही बड़े फैसले का ऐलान हो सकता है। यह बात शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत (Shiv Sena spokesperson Sanjay Raut) ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Chief Minister Uddhav Thackeray) से मिलने के बाद कही है। राउत ने शनिवार को मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से उनके मातोश्री आवास पर मुलाकात की। बैठक दोपहर 12.30 बजे से दोपहर 2.30 बजे तक चली। 

    राउत ने कहा कि बैठक में राज्य के कई मुद्दों पर चर्चा हुई। सबसे महत्वपूर्ण बात, बैठक में प्रताप सरनाईक पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री ने सरनाईक के बारे में फैसला लिया है, तो जल्द ही खबर आएगी। उन्होंने कहा कि मैंने पत्र में सरनाईक द्वारा लिखी गई भावना से पार्टी अध्यक्ष को अवगत कर दिया है। जिसमें सरनाईक ने आजीवन शिवसेना में रहने की बात कही है। हालांकि इस बारे में अंतिम फैसला शिवसेना अध्यक्ष को लेना है।

    लेटर बम से मचा था हड़कंप

    हाल ही में सरनाईक ने शिवसेना अध्यक्ष और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को एक पत्र लिख कर उन्हें एक बार फिर से बीजेपी के साथ गठबंधन करने का सुझाव दिया था। उन्होंने अपने पत्र में यह भी आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र विकास आघाडी में शामिल कांग्रेस और एनसीपी अपने एजेंडे पर काम कर रही है। इससे शिवसेना कमजोर हो रही है। ऐसे में शिवसेना के लिए बीजेपी के साथ हाथ मिलाना ही बेहतर होगा। सरनाईक के इस लेटर बम ने महाराष्ट्र की राजनीति में हड़कंप मचा दिया था। उन्होंने यह लेटर ऐसे समय में लिखा है जब वे खुद करीब 175 करोड़ रुपए के मनी लांड्रिंग मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय ( ईडी)  के निशाने पर है।

    सरकार में शिवसेना की फज़ीहत

    सरनाईक के इस लेटर से महाराष्ट्र विकास आघाडी सरकार में शामिल शिवसेना की काफी फजीहत हुई थी। कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा था कि लगता है सरनाईक ने यह लेटर किसी गंभीर स्थिति को ध्यान में रख कर लिखा है। जबकि राकां के एक नेता ने कहा की केन्द्रीय जांच एजेंसी के डर से सरनाईक, बीजेपी से हाथ मिलाने की बात कह रहे हैं।

    देशमुख केस पर ध्यान

    राउत ने कहा कि हमारा ध्यान महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख केस पर है। उन्होंने कहा ,कुछ मामलों में केंद्रीय जांच एजेंसी जानबूझ कर जोर लगा रही है, ऐसा नहीं होना चाहिए।