Corona is dedicated to Nair Hospital, then the doctor will go on leave

    सूरज पांडे 

    मुंबई. कोविड-19 संक्रमण से सुरक्षा के लिए मुंबई (Mumbai) में पहली बार बच्चों पर क्लीनिकल ट्रायल (Clinical Trial) की शुरुआत हो गई है। यह परीक्षण महानगरपालिका (Municipal Corporation) के नायर अस्पताल (Nair Hospital) में किया जा रहा है।  कैडिला हेल्थकेयर कंपनी (Cadila Healthcare Company) द्वारा बच्चों के लिए बनाई गई जायकोव-डी का ट्रायल बच्चों पर किया जाना है।  एथिक कमिटी की अनुमति के बाद यह ट्रायल की शुरुआत हो चुकी है। 

    कोरोना के खिलाफ काफी हद्द तक सुरक्षा करनेवाली वयस्कों के लिए कोविशिल्ड, कोवैक्सीन और स्पुतनिक कुल 3 वैक्सीन उपलब्ध है, लेकिन बच्चों के लिए अभी तक बाजार में कोई भी वैक्सीन उपलब्ध नहीं हैं। वहीं एक्सपर्ट्स ने निकट भविष्य में तीसरी लहर बच्चों के लिए घातक बताई है।  ऐसे में बच्चों में कोरोना के रोकथाम, सुरक्षा और उपचार को लेकर भी कई कदम उठाए जा रहे हैं।  इसी बीच नायर अस्पताल से अभिभावकों के लिए अच्छी खबर यह आई है कि बच्चों में कोविड के रोकथाम के लिए बानाई गई वैक्सीन का ट्रायल शुरू हो गया है। महानगरपालिका  के प्रमुख अस्पताल के संचालक और नायर अस्पताल व मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. रमेश भारमल ने खबर की  पुष्टि करते हुए  उन्होंने कहा कि हमें ट्रायल के कमिटी से पहले ही मंजूरी मिली थी। हमने अपनी तैयारी भी कर ली है। बच्चों का एनरॉलमेंट का कार्य जारी है।  मुंबई में बच्चों पर होनेवाला यह पहला ट्रायल है।  इस 3 फेज के क्लीनिकल ट्रायल की अवधि एक वर्ष की है।

    ट्रायल में होंगे 50 बच्चे

    नायर अस्पताल में बच्चों पर शुरू हुए तीसरे फेज के ट्रायल में कुल 50 बच्चों का समावेश होगा।  इस परीक्षण में 12 से 17 उम्र के बच्चों का समावेश होगा।  ट्रायल की अवधि एक वर्ष है।  ट्रायल में शामिल होने के बाद बच्चा कोई और कोरोना की वैक्सीन नहीं ले सकता है।  ट्रायल के लिए बच्चों के अभिभावकों से अनुमति अनिवार्य है।  

    एक बच्चे को मिलेंगे तीन डोज

    वयस्कों को दी जा रही तीनों वैक्सीन में उन्हें दो डोज लेना है। भले ही दूसरे डोज का अंतर स्पुतनिक 21, कोवैक्सीन 28 और कोविशिल्ड का 84 दिन है, लेकिन दो डोज में फिलहाल के लिए बहुत है। वहीं जायकोव-डी वैक्सीन के 3 डोज बच्चों को दिए जाएंगे।  पहला डोज लेने के बाद दूसरा डोज 28वे दिन और तीसरा डोज 56 दिन के बाद दिया जाएगा। 

    ट्रायल से क्या पता चलेगा

    • वैक्सीन बच्चों को कोरोना संक्रमण से बचाने में कितनी कारगर है 
    • वैक्सीन लेने के बाद यदि कोई बच्चा संक्रमित होता है तो वैक्सीन रिकवरी में या बीमारी के प्रोग्रेस को रोकने में कितनी सक्षम है
    • वैक्सीन लेने के बाद बच्चों में कितने दिनों तक रोगप्रतिरोधक क्षमता टीकी रहती है 
    • यह वैक्सीन कितनी सुरक्षित और क्या इस का कोई साइड इफ़ेक्ट तो नहीं है