Dabbewala
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नागपुर. करोड़ों की आबादी, लाखों नौकरीपेशा व व्यापारी और उनके टिफिन, बिल्कुल सही पते और सटीक टाइम पर डिलिवरी. मुंबई के डिब्बेवालों ने अपने इस बेहतरीन प्रबंधन से गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में तक नाम दर्ज करा लिया. लाखों लोगों को घर के खाने से पेट भरने वाले डिब्बेवाला की जरूरत अब शहर को भी महसूस होने लगी है. दूसरे शब्दों में कहे तो अब आरेंजसिटी को भी अपना डिब्बावाला चाहिए.

घर से दूर दूकान, हर दिन टिफिन का इंतजार
आरेंजसिटी मध्य भारत का व्यापारिक केन्द्र हैं. यहां सैकड़ों व्यापारी ऐसे हैं जिनकी दूकान उनके घर से काफी दूर है. ऐसे में भोजन के समय पर उन्हें अक्सर ही लंबा इंतजार करना पड़ता है. कई बार भोजन की वजह से दूरी से दूकान पहुंचते हैं. अक्सर दूकान के कर्मचारियों को घर भेजकर खाना बुलाया जाता है. ऐसे में कर्मचारी का दूकान पर उचित उपयोग नहीं हो पाता. हालांकि शहर के व्यापारिक क्षेत्रों में कुछ ऐसे भी लोग है जो उनके घर से टिफिन लाकर पहुंचा देते हैं. यह सर्विस पिछले 10 से 15 वर्षों से जारी है लेकिन अभी तक असंगठित है. इस क्षेत्र को यदि संगठित कर दिया जो लगभग सभी व्यापारी आरेंज सिटी के डिब्बावाला के माध्यम से अपने-अपने घरों से टिफिन मंगवाना शुरू कर देंगे.

IT प्रोफेशनल्स, प्राइवेट जॉब वालों की अहम जरूरत
नागपुर शहर बहुत तेजी से बढ़ रहा है. कोरोना काल को नजरअंदाज करें तो यहां सैकड़ों आईटी कम्पनियों में हजारों आईटी प्रोफेशनल्स काम कर रहे है जो आईटी पार्क, मिलान, बुटीबोरी एमआईडीसी, हिंगना एमआईडीसी जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं. इनमें से अधिकांश बाहरी शहरों से हैं. इन्हें चाहे आफिस हो या फिर किराये का घर, टिफिन की जरूरत होती है. यदि आरेंजसिटी का डिब्बावाला सिस्टम हो तो सभी को समय पर उनके आफिस या घर में अच्छा भोजन उपलब्ध हो सकेगा.

सरकारी कर्मचारियों की हड़बडी, गृहणियों की बोझ होगा कम
ज्ञात हो कि शहर में सरकारी कर्मचारियों की संख्या भी हजारों है. हाईकोर्ट, राष्ट्रीय कर अकादमी, नेशनल फायर कॉलेज, 2-2 रिजर्व बैंक जैसे अनेक राष्ट्रीय संस्थानों के अलावा राज्य सरकार के भी कई महत्वपूर्ण कार्यालय शहर में हैं. सुबह 10 से शाम 6 बजे की ड्यूटी करने वाले इन सरकारी कर्मचारियों को टिफिन लेकर आफिस के लिए दौड़ लगानी पड़ती है. सबसे ज्यादा परेशानी घरेलू महिलाओं को होती है जिन्हें सुबह-सुबह बच्चों की तैयारी के साथ पति के टिफिन के लिए पसीना बहाना पड़ता है. यदि आरेंज सिटी का डिब्बावाला हो तो मुंबई की तर्ज पर ग्रहणियां आराम से बेहतर भोजन बना सकेगी और इनकी मदद से समय पर आफिस भी पहुंच जायेगा.

… तो मुंबई वाले आरेंज सिटी आ जाये
हर समय दौड़ने वाली मुंबई के डिब्बेवालों ने अपनी सटीक कार्यप्रणाली से पूरी दुनिया में नाम कमाया है. हजारों-लाखों टिफिनों में 99.9 प्रतिशत बिना किसी गलती के सही पते पर, सही व्यक्ति को और बिल्कुल सही समय पर टिफिन पहुंचाना आसान नहीं. ऐसे में मुंबई के डिब्बेवालों ने नागपुर में भी यह सेवा शुरू करनी चाहिए. आरेंज सिटी में भी यह सिस्टम शुरू होगा तो हजारों लोगों को राहत मिलेगी.