महाराजबाग रोड पुल कब हो पाएगा पूरा, 5 वर्षों में DP रोड का चल रहा काम

  • 850 मीटर लंबाई नहीं हो पाई तय

नागपुर. मनपा की लापरवाह कार्यप्रणाली भले ही कोई नई बात न हो, लेकिन केवल 850 मीटर लंबे डीपी रोड के निर्माण को 5 वर्ष का समय लगना, एक तरह से मनपा द्वारा सड़क नहीं, बल्कि इतिहास बनाने का काम होने का नजारा दिखाई दे रहा है. उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2015-16 के आम बजट में तत्कालीन स्थायी समिति सभापति रमेश सिंगारे ने महाराजबाग के भीतर से होकर नागपुर यूनिवर्सिटी लाइब्रेरी चौक तक जानेवाले इस डीपी रोड को शामिल किया गया था जिसके बाद इसके खर्च को भी मंजूरी देकर टेंडर की प्रक्रिया पूरी की गई.

टेंडर की शर्तों के अनुसार डीपी रोड का निर्माण डेढ़ वर्ष के भीतर पूरा किया जाना था. अब हद तक सड़क का निर्माण तो किया गया, किंतु इसके बीच आनेवाली पुलिया का काम कई महीनों से पूरा नहीं हो पा रहा है. यह काम कब तक पूरा होगा, इसे लेकर मनपा की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है. 

अनजान बना है सत्तापक्ष

जानकारों के अनुसार मनपा की ओर से पहले केवल रोड के निर्माण को लेकर टेंडर की प्रक्रिया पूरी की गई थी. रोड के बीच में ही पुल होने के बाद भी इसे रोड वर्क्स में शामिल क्यों नहीं किया गया, यह सभी के लिए एक पहेली है. इसे लेकर कई बार आपत्ति भी जताई गई. किंतु अधिकारियों ने कई कहानियां बनाई. आश्चर्यजनक यह है कि भारी भरकम वाहन भी इस पुल से गुजरने के बाद किसी तरह का नुकसान न हो, इस क्षमता से पुल का निर्माण करने का दावा मनपा की ओर से किया जा रहा है.

इसी वजह से इसमें देरी होने की जानकारी अधिकारियों ने दी. किंतु जानकारों के अनुसार महाराजबाग का यह डीपी रोड ग्रीन जोन में है, जिससे यहां से भारी वाहनों की आवाजाही की अनुमति ही नहीं है. यही कारण है कि अधिकारियों की इस दलील पर संदेह जताया जा रहा है. इस विकास कार्य को लेकर तमाम तरह की लापरवाही होने के बावजूद सत्तापक्ष अनजान बना हुआ है. 

ठेकेदार को इतनी छूट कैसे

उल्लेखनीय है कि वर्तमान में पुल के दोनों ओर गर्डर डालकर स्लैब का काम शुरू किया गया है.  दोनों छोर के कुछ ही हिस्से में स्लैब किया गया, जबकि दूसरे हिस्से में अभी भी स्लैब का सीमेंटीकरण नहीं किया गया. 24 मीटर चौड़े इस पुल पर अब तक दोनों ओर से केवल 3-3 मीटर ही स्लैब का काम हो पाया है. वर्षों से चल रहा काम पूरा नहीं होने से क्या यह पूरा हो पाएगा या नहीं? इसे लेकर मनपा की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी की जा रही है.

बताया जाता है कि ठेकेदार कम्पनी की ओर से रोड के काम की शुरुआत से ही देरी की गई. किंतु मनपा की ओर से कभी कोई कार्रवाई नहीं की गई. अब पुन: पुल के काम में भी इसी तरह की लापरवाही बरती जा रही है, जिससे ठेकेदार पर मनपा इतनी मेहरबान क्यों है? इसे लेकर भी आश्चर्य जताया जा रहा है.