166% more transportation of automobiles than railways

    नाशिकरोड. रेलवे (railway) के व्यावसायिक नीति अपनाने के बाद से विभिन्न योजनाएं चलाकर रेलवे को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने में प्रशासन को सफलता मिल रही है। मध्य रेलवे (Central Railway) ने क्षेत्रीय और विभागीय स्तर पर व्यवसाय विकास यूनिट (BDU) बनाया है। इस माध्यम से स्थानीय उद्योगों के साथ नए प्रस्ताव और योजनाओं की मार्केटिंग कर रहा है। वर्तमान में मध्य रेलवे ने पिछले वर्ष की तुलना में 166 प्रतिशत अधिक ऑटोमोबाइल उत्पादों (Automobile Products) की ढुलाई की है। 

    इसमें महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स और मारुति उद्योग से कार, पिकअप वैन, ट्रैक्टर, जीप का परिवहन किया गया। ऑटोमोटिव उद्योग ने रेल द्वारा परिवहन को प्राथमिकता दी गई है। यह चालू वित्त वर्ष में मोटर परिवहन के आंकड़ों से स्पष्ट है। मुंबई डिवीजन और भुसावल डिवीजन में नाशिक रोड, पुणे डिवीजन में चिंचवड़, सोलापुर डिवीजन में बाले और नागपुर डिवीजन में अजनी रेलवे स्टेशनों से वाहनों की लोडिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

    फरवरी में लोड किए गए 32 रैक

    फरवरी 2021 में रेलवे ने 32 रैक लोड किए। पिछले साल इसी महीने में 12 रैक लोड किए गए थे, जो 166 प्रतिशत अधिक है। चालू वित्त वर्ष के दौरान यानी अप्रैल 2020 से फरवरी 2021 तक ऑटोमोबाइल के 246 रैक लोड किए गए। पिछले साल इसी अवधि के दौरान 118 रैक लोड किए गए थे। इस साल लोडिंग में 146 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। पिछले एक साल में ऑटोमोबाइल को देश के विभिन्न हिस्सों में पहुंचाया गया है। इसे बांग्लादेश भी निर्यात किया जाता था। रेलवे की इस पहल से ईंधन की बचत के साथ-साथ कार्बन फुटप्रिंट की भी बचत हो रही है।

    वाहनों को लोड करने बनाया प्रोटोटाइप कोच

    ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स के साथ बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट ने भी उद्यमियों के सुझावों का स्वागत करते हुए कुछ बदलाव किए हैं। मध्य रेलवे की परेल कार्यशाला ने ऑटोमोबाइल वाहनों को आसानी से उतारने और ले जाने के लिए प्रोटोटाइप कोच विकसित किए हैं। निर्माताओं द्वारा दिए गए निर्देशों पर विचार कर परिवहन की गति बढ़ाई गई। सातपुर (नाशिक) में महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी के चार पहिया वाहन नाशिक रोड स्टेशन से देश के अन्य हिस्सों में भेजे जा रहे हैं।