Initiative to not use nylon manja on Makar Sankranti

  • जागरूकता लाकर जन-जन तक पहुंचाएंगे संदेश

नाशिक। नाशिक स्थित अशोक मेडिकवर अस्पताल (Ashok Medicover Hospital) के अधिकारी-कर्मचारियों (Officer-staff) ने पर्यावरण अनुकूल (environmental friendly) और स्वस्थ मकर संक्रांति (Makar Sankranti) मनाने की कसम खाई है। सामाजिक दूरी का पालन और पतंग उत्सवों में नायलॉन मांझा का उपयोग नहीं करने का संदेश जन-जन तक पहुंचाए जाएंगे।

मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने एवं उसकी प्रतिस्पर्धा के दौरान कई दुर्घटनाएं होती हैं। इस दौरान छोटी-मोटी चोटों से लेकर जानलेवा घटनाएं भी घटती हैं। वहीं पतंगबाजी के लिए उपयोग होने वाला धागा खतरनाक होता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए नाशिक के अशोका मेडिकवर अस्पताल ने सामाजिक जागरूकता का बीड़ा उठाया है। अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मचारी, प्रशासन और उपस्थित रोगियों ने सिंथेटिक सामग्रियों से बने  मांझे का उपयोग नहीं करने की शपथ ली।

पतंगबाजी से संबंधित दुर्घटनाओं के लिए प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करने की भी योजना बनाई गई है। इसमें ड्रेसिंग, मांझे को संभालने के दौरान मामूली चोट और मुफ्त डॉक्टर की सलाह का समावेश है। इसे युवाओं के उत्साह का त्यौहार कहा जाता है। वर्तमान में जो  मांझा उपलब्ध है, वह नायलॉन, कांच के कणों या अन्य सिंथेटिक सामग्रियों से बनाए जाते हैं। इससे हथेली पर चोट लगती है। इससे कुछ ही समय में सर्जरी आवश्यक है। कुछ दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं जैसे घर की छत से गिरना, अंगुली का स्थायी रूप से कट जाना, टुकड़े-टुकड़े हो जाना, मांझे के गले में फंस जाने से मरने तक की घटना घट जाती है। इसे रोकने के लिए अस्पताल ने सराहनीय कदम उठाया है।