महागठबंधन को लगा झटका, वीआईपी के बाद एक और साथी ने तोड़ा नाता

रांची: बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) के पहले चरण के नामांकन के पहले महागठबंधन (Grand Alliance) को एक और झटका लगा है. मंगलवार को बिहार विधानसभा चुनावों के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) (Jharkhand Mukti Morcha) ने राष्ट्रीय जनता दल (Rashtriya Janta Dal) (राजद) के नेतृत्व में बने महागठबंधन से अलग होने की घोषणा कर दी.

पार्टी के केंद्रीय महासचिव सुप्रीयो भट्टाचार्य ने इसकी घोषणा करते हुए आरोप लगाया कि राजद ने उनके साथ राजनीतिक मक्कारी की है लिहाजा ‘अच्छे दिन आने के अभी सिर्फ सपने देखने वाले लोगों’ से अलग अकेले ही वह चुनाव लड़ेगी. झारखंड की सीमावर्ती सात विधानसभा सीटों पर अकेले दम पर चुनाव लड़ने की घोषणा करते हुए कहा है कि आगे दूसरे और तीसरे चरणों के लिए कुछ अन्य सीटों पर पार्टी अपने उम्मीदवार उतार सकती है.”

ज्ञात हो कि पिछले दिनों महागठबंधन में सीटों के बंटवारे का ऐलान हुआ था. जिसके तहत 144 सीटों पर राजद, ७० सीटों पर कांग्रेस, 19 सीटों पर सीपीआई माले और 10 सीटों पर सीपीआई और सीपीआई एम चुनाव लड़ेगी. वहीं झामुमो को दो सीट दिया गया था. 

उम्मीद आरजेडी बड़ा भाई जैसा व्यवहार करेगा 
चुनाव में दो सीट छोड़ने पर झामुमो अध्यक्ष और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने निराशा जताते हुए कहा था कि, “महागठबंधन में आरजेडी बड़े भाई की भूमिका में है. हम उनसे उम्मीद करते है आज बड़े भाई जैसा व्यवहार करेंगे.”