Ambulence
Representational Pic

    पुणे. कोरोना (Corona)के बढ़ते मामलों के बीच मरीजों (Patients) को लाने-ले जाने वाली एंबुलेंस (Ambulances) खुले में धोए (Wash) जा रहे हैं। यह मामला पुणे (Pune) में सामने आया है। पुणे के रेसकोर्स मैदान (Race Course Grounds) के नीचे भूमिगत नहर है, जिसका पानी खडकवासला से आगे बारामती, इंदापुर जाता है। इसका पानी एम्प्रेस गार्डन के पौधों के लिए और छोटे बच्चों के खेलने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। खुली जगहों पर इसी पानी से गाड़ियां धोई जाती है। इसी पानी से खुले में कई दिनों से एंबुलेंस धो रहे है।

    पुणे के रेसकोर्स और एम्प्रेस गार्डन के बीच सड़क के किनारे पानी का छोटा पूल है। इसी में एंबुलेंस धोया जा रहा है। यहां से हमेशा गुजरनेवाले राहुल कांबले ने इसकी जानकारी दी है। इस बारे में एंबुलेंस गाड़ी धोनेवाले चालक अक्षय गवली से पूछा गया तो उसने कहा कि हमारी गाड़ी ससून अस्पताल के मुख्य द्वार पर रहती है। रणजित जानकर इसके मालिक हैं। हम यहीं पर गाड़ी धोते हैं। आज एक मरीज को सोलापुर छोड़कर आया हूं। इसलिए यहां पर एंबुलेंस साफ कर रहा हूं। 

    खुले में इस तरह से एंबुलेंस धोना सही है क्या?

    खुले में इस तरह से एंबुलेंस धोना सही है क्या? यह पूछने पर गवली ने कहा कि आप हमारे मालिक जानकर या एंबुलेंस संगठन के बालासाहेब हिंगणे से इस बारे में पूछ सकते हैं। जानकर से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि आज एक मरीज को सोलापुर छोड़कर आया है। वो कोरोना संक्रमित नहीं था, इसलिए आप इस बात को समझें, ऐसा उत्तर देकर उन्होंने टालमटोल किया। कोरोना की इस भयंकर परिस्थिति में अगर एंबुलेंस को एस तरह से धोते रहे तो लोगों के स्वास्थ्य की बहुत बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। इस पर रोक कौन लगाएगा, यह बहुत बड़ा सवाल है।