Mobile thieves became influential girlfriends

  • दो शातिर झपटेमार गिरफ्तार, 26 स्मार्टफोन और 3 दोपहिया बरामद

पिंपरी. कहते हैं इश्क में इंसान कुछ भी कर गुजरता है. इश्क में स्मार्ट बने रहने लिए के लिए पिंपरी चिंचवड़ (Pimpri Chinchwad) के दो नवयुवक मोबाइल चोर (Mobile thief) बन गए। इन दोनों ने अपनी-अपनी गर्लफ्रेंड (Girlfriends) को इम्प्रेस करने के लिए राहगीरों से 26 स्मार्टफोन (smartphone) झपटे हैं।

वे गर्लफ्रेंड (Girlfriends) को हर कुछ दिन बाद नया स्मार्टफोन बदलकर देते, और उनका पहले का स्मार्टफोन लेकर बाजार में बेच देते। उन पैसों से मौज मस्ती करते और राहगीरों से झपटा मारकर मोबाइल छीन लेते। लेकिन इनकी यह हरकत जल्द पकड़ में आ गई और क्राइम ब्रांच के डकैती विरोधी दस्ते ने इन दोनों युवकों को अब गिरफ्तार कर लिया है।

सागर मोहन सावले (22) निवासी अष्टविनायक चौक, मोरेबस्ती, चिखली, पुणे और निलेश देवानंद भालेराव (19) निवासी नेवाले बस्ती, घरकुल, चिखली, पुणे, यह गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम हैं। पुलिस ने उनके पास से अलग-अलग कंपनियों के 26 स्मार्टफोन और तीन दोपहिया वाहन कुल चार लाख 12 हजार रुपए का माल बरामद किया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद पिंपरी चिंचवड़ के पिंपरी और भोसरी पुलिस थानों में दर्ज तीन, एमआईडीसी भोसरी थाने में दर्ज दो और शिरवल पुलिस थाने में दर्ज एक कुल 9 मामले उजागर हुए हैं।

डकैती विरोधी दस्ते के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक उत्तम तांगड़े से मिली जानकारी के अनुसार, दस्ते के पुलिस उपनिरीक्षक मंगेश भांगे को मुखबिर से पता चला था कि राहगीरों से मोबाइल फोन झपटने वाले दो शातिर भोसरी स्थित पीएमटी बस स्टॉप के सामने पुल के नीचे आने वाले हैं। इसके अनुसार उपनिरीक्षक मंगेश भांगे, कर्मचारी महेश खांडे, राजेंद्र शिंदे, उमेश पुलगम, राहुल खारगे, विक्रांत गायकवाड, नितीन लोखंडे, आशिष बनकर, सागर शेडगे, प्रवीण माने, राजेश कौशल्ये, गणेश कोकणे की टीम ने यहां छह घंटे तक जाल बिछाकर दोनों बदमाशों को धरदबोचा।

26 स्मार्टफोन और तीन दोपहिया वाहन बरामद

तलाशी लेने पर आरोपियों के पास से आठ मोबाइल फोन बरामद हुए। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर उनकी दोपहिया को जब्त किया। पूछताछ के बाद उनसे चार लाख 12 हजार रुपए के 26 स्मार्टफोन और तीन दोपहिया वाहन बरामद किए गए। पूछताछ में सामने आया कि सागर और नीलेश अपनी- अपनी गर्लफ्रैंड को इम्प्रेस करने के लिए हर कुछ दिन बाद नया स्मार्टफोन गिफ्ट देते थे। उनके पास से पहले के मोबाइल फोन लेकर उसे बाजार में बेच देते और उन पैसों से मौज मस्ती करते। इसके बाद फिर राहगीरों से झपटा मारकर मोबाइल छीन लेते। बीते कुछ माह से वे लगातार इसी प्रकार से सिलसिलेवार तरीके से मोबाइल फ़ोन झपटा मारने की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। हालांकि उनका यह फंडा ज्यादा दिन नहीं चल सका और पुलिस के हाथ उनके गिरेबान तक पहुंच ही गए।