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    पुणे. पुणे महानगरपालिका (Pune Municipal Corporation)की ओर से विभिन्न कामों के लिए विभिन्न चीजों की खरीदी की जाती है। क्षेत्रीय कार्यालय साथ ही मध्यवर्ती भण्डारण विभाग द्वारा यह खरीदी की जाती है, लेकिन इस प्रक्रिया को लेकर शिकायतें (Complaints) आ रही है। इसे रोकने के लिए महानगरपालिका कमिश्नर विक्रम कुमार (Municipal Commissioner Vikram Kumar) ने उच्चाधिकार समिति बनाने का फैसला लिया था। 

    ऐसी कुल 2 समितियां थी, जिसकी रचना भी तय की गई थी, लेकिन फिर भी कोई काम नहीं हो रहा है। इस वजह से इसको लेकर एक नीति बनाई है। इसके अनुसार खरीदी प्रक्रिया करनी होगी। ऐसे निर्देश अतिरिक्त आयुक्त डॉ. कुणाल खेमनार द्वारा दिए गए है।

    नोडल अधिकारी की नियुक्ति करनी होगी 

    नीति के अनुसार, विभिन्न विभागों द्वारा सामग्री भण्डार में सेवक (नोडल अधिकारी) की नियुक्ति करनी चाहिए। ताकि  हर साल डेड स्टॉक रजिस्टर को अपडेट करने और केंद्रीय रिजर्व विभाग से इसकी जांच करने के लिए अनिवार्य है। विभाग से मांग प्रस्ताव खरीद प्रक्रिया के लिए केंद्रीय भंडार विभाग को भेजा जाए वह परिपूर्ण होना चाहिए। इसमें विभिन्न विभागों द्वारा खरीदी जाने वाली सामग्री की आवश्यकता की जांच करना और तदनुसार मांग में सामग्री की विशिष्टता और संख्या का उल्लेख करना आवश्यक है। एक ही समय में एक ही प्रकार की सामग्री की मांग करें। यदि साहित्य की चरणों में आवश्यकता हो तो उसका उल्लेख प्रस्ताव में किया जाए। सामग्री की खरीद पर होने वाले खर्च के लिए विभाग द्वारा लॉकिंग की व्यवस्था की जानी चाहिए। पार्षद स्वैच्छिक कोष, डीपीडीसी कोष, महापौर कोष, वर्गीकरण कोष के लिए मांग प्रस्ताव प्रशासनिक/वित्तीय स्वीकृति प्राप्त कर ही प्रस्तुत किया जाना चाहिए। जहां आवश्यक हो, अधिप्राप्ति एवं परीक्षण विभाग, खेल अधिकारी, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग एवं अन्य संबंधित विभाग की राय को शामिल करने के बाद ही मांग प्रस्ताव भेजा जाना चाहिए। पुणे नगर निगम के स्वामित्व वाली भूमि पर स्थापित पुस्तकालय, व्यायामशाला, अस्पताल स्कूल खेल परिसर कार्यालय आदि का निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपरांत एवं सामग्री के भंडारण/निर्माण के लिए आवश्यक अनुमोदन के साथ मांग प्रस्ताव बनाने के लिए स्थान की उपलब्धता की जांच करने के बाद ही इसे भेजा जाना चाहिए।  विभाग के प्रमुख इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि प्रतिनिधि उचित जानकारी के साथ उपस्थित हों। 

    15 फ़रवरी के बाद मंजूरी नहीं 

    संबंधित विभाग से केन्द्रीय भण्डार विभाग से प्रापण प्रक्रिया के माध्यम से एकत्रित सामग्री जिम्मेदार सेवक/नोडल अधिकारी ने निर्गम पर्ची पर हस्ताक्षर कर तत्काल सामग्री को अपने कब्जे में ले  लेना चाहिए। विभिन्न खाते, वार्ड स्तर आदि, जो केन्द्रीय भण्डार विभाग से प्राप्त किये जाते हैं। सूची के प्रावधानों से की जाने वाली सामग्री के क्रय के लिए निविदा दिनांक 15 फरवरी तक हटा देना चाहिए। सभी विभागों और उनके अधीनस्थ कार्यालयों द्वारा 15 फरवरी को या उसके बाद किसी भी खरीद प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी जानी चाहिए।  फर्नीचर की मरम्मत, ज़ेरॉक्स मशीन की मरम्मत, कंप्यूटर उपकरण की मरम्मत या स्पेयर पार्ट्स वार्षिक रख रखाव मरम्मत प्रस्तावों को भी अनुमोदित नहीं किया जाना चाहिए।  सामग्री की खरीद और बजट की उपलब्धता के लिए  सदस्य का पारस्परिक पत्र आता है। इसकी जांच कर क्षेत्रीय  कार्यालयों द्वारा आवश्यक मांग प्रस्ताव केन्द्रीय भण्डार विभाग को भेजना होगा। सदस्यों की सूची के साथ-साथ वार्ड स्तर की निधियों से सामग्री की खरीद के प्रस्तावों को प्रस्तुत करना, जबकि इसमें इस बात का विवरण होना चाहिए कि सामग्री कहां स्थापित की जाएगी।  

    सब प्रस्ताव प्राप्त होने तक प्रतीक्षा न करें

    फील्ड कार्यालय से सूची के साथ-साथ वार्ड स्तरीय निधि से प्रस्ताव एक साथ प्राप्त नहीं होते हैं।  केंद्रीय रिजर्व विभाग को प्राप्त तिमाही प्रस्तावों के अनुसार निविदा प्रक्रिया का संचालन करना चाहिए।  सब प्रस्ताव प्राप्त होने तक प्रतीक्षा न करें। अप्रैल से जून की अवधि के दौरान प्राप्त प्रस्तावों के संबंध में निविदा का विज्ञापन जुलाई में किया जाना चाहिए।  जुलाई से सितंबर तक प्राप्त प्रस्तावों के संबंध में निविदा का विज्ञापन अक्टूबर में किया जाना चाहिए।  अक्टूबर से दिसंबर की अवधि में प्राप्त प्रस्तावों के लिए निविदाएं जनवरी में विज्ञापित की जानी चाहिए।   माहे 15 फरवरी विभिन्न विभागों द्वारा खरीद प्रस्ताव बाद में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए।