Punekar took to the streets forRemdesivir injection

    पुणे. कोरोना (Corona) के बढ़ते संक्रमण के चलते पूरे राज्य में लॉकडाउन (Lockdown) और सख्त प्रतिबंध (Strict Restrictions) लागु किया गया है। इसके बाद भी आज पुणे (Pune) में लोग सड़कों पर उतर आए औऱ जिलाधिकारी कार्यालय के सामने धरना देने लगे। वजह थी रेमडेसिवीर इंजेक्शन (Remdesivir Injection) की कमी। तमाम वादों, घोषणाओं के बाद भी सरकार और प्रशासन रेमडेसिवीर इंजेक्शनों की कमी को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। नतीजन कोरोना मरीजों के परिजनों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। इतनी दौड़धूप के बाद भी इंजेक्शन नहीं मिल रहे और मिल भी रहे हैं तो मनमाने दामों पर। इससे नाराज पुणेकरों (Punekar) के सब्र का बांध टूट गया और वे सुबह-सुबह जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।

    रेमडेसिवीर इंजेक्शन कोरोना के इलाज में उपयुक्त साबित हुआ है। पुणे में मरीजों की संख्या बढ़ने से अस्पतालों में बेड्स, ऑक्सीजन और वेंटिलेटर के साथ साथ रेमडेसिविर इंजेक्शन की भारी किल्लत है। दिन दिनभर भर लाइन में खड़े रहने और घंटों चक्कर लगाने के बाद भी लोगो को इंजेक्शन नहीं मिल रहा है। ये सिलसिला पिछले कई दिनों से लगातार चल रहा है।

    पुलिस ने की लोगों को समझाने की कोशिश

     इसके विरोध में अब लोग सड़क पर उतर गए हैं। सुबह-सुबह कुछ लोग सीधा जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच गए। उन्हे इंजेक्शन नहीं मिल रहा है इसलिए उन्होंने रास्ता ही रोक दिया और धरने पर बैठ गए। अचानक हुए इस हंगामे से पुलिस में भी अफरा-तफरी मच गई। तुरंत बंडगार्डन पुलिस और वरिष्ठ पुलिस घटनास्थल पर पहुंचे और लोगों को समझाने की कोशिश की। लोग जिलाधिकारी कार्यालय के सामने बैठकर धरना प्रदर्शन करने लगे। पुलिस ने जिला प्रशासन से संपर्क किया।