इस दिशा में गलती से भी न लगाएं घड़ी, जानें क्या बोलता है वास्तु-शास्त्र

    -सीमा कुमारी

    अक्सर लोग अपना काम समय के अनुसार या समय देखकर ही करते हैं। ऐसे में लोग समय  (Time) देखने के लिए घर, स्कूल,कॉलेज और ऑफिस में एक घड़ी अवश्य लगाते हैं। दीवारों में टांगते हैं। ऐसे में जरूरी है कि हम घड़ी को उचित दिशा में लगाएं। क्योंकि घड़ी कि दिशा ही हमारे काम और उसके नतीजे की दिशा तय करने में सहायक होती है।

    वास्तु शास्त्र कहता है कि अगर इसे गलत दिशा में लगाया जाता तो घर में तमाम तरह की परेशानियां आने लगती हैं। इससे शारीरिक, मानसिक और आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। आइए जानते हैं घर पर घड़ी लगाने की सही दिशा और इसके फायदे-

    • वास्तु-शास्त्र के मुताबिक, घड़ी को पूर्व या उत्तर दिशा की दीवार पर लगाना बहुत ही शुभ माना है। कहा जाता है कि, पूर्व या उत्तर दिशा सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर होती है। ऐसे में इन दिशाओं में घड़ी लगाने से जातक को सुख-समृद्धि और आर्थिक उन्नति के नए अवसर आते रहते हैं।
    • कहते हैं कि, जिस प्रकार सही दिशा में घड़ी लगाने से अच्छे परिणाम देखने को मिलते हैं, उसी प्रकार घर या ऑफिस में अगर गलत दिशा में घड़ी लगी हो तो यह आपके लिए नकारात्मक परिणाम ला सकती है। इसलिए सही दिशा का चुनाव करना बेहद जरूरी है।
    • वास्तु के अनुसार, घर की दीवारों या टेबल पर रखी हुई घड़ी कभी भी बंद नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा घड़ी के शीशे में किसी भी तरह की कोई टूट-फूट नहीं होनी चाहिए। यह दुर्भाग्य का सूचक है। नकारात्मकता को दूर करने के लिए घर पर मौजूद टूटी-फूटी घड़ी को दूर कर देना चाहिए। 
    • वास्तु-शास्त्र के अनुसार घर में हल्के रंग की घड़ी लगानी चाहिए। गहरे रंग की घड़ी लगाने से घर में नकारात्मकता आती है।
    • कहा जाता है कि, घर या ऑफिस की दक्षिण दिशा की दीवार पर घड़ी नहीं लगानी चाहिए, क्योंकि दक्षिण दिशा को यम की दिशा माना जाता है। और, शास्त्रों में यम को मृत्यु का देवता माना गया है। अतः इस दिशा में घड़ी लगाने से बिजनेस के मार्ग में बाधाएं आनी शुरू हो जाती हैं। साथ ही घर के लोगों पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ता है। इसके अलावा घर के कोनों आदि में भी घड़ी नहीं लगानी चाहिए।