सुको ने निलंबन रद्द किया, 12 BJP विधायकों को बड़ी राहत

    आखिर बीजेपी के 12 विधायकों को देश की सबसे बड़ी अदालत से न्याय मिला. सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र की महाविकास आघाड़ी सरकार को करारा झटका देते हुए विधानसभा द्वारा सस्पेंड किए गए बीजेपी के 12 विधायकों का निलंबन रद्द कर दिया तथा विधानसभा द्वारा लिए गए फैसले को असंवैधानिक करार दिया.

    सुप्रीम कोर्ट में जब यह मामला गया था, तभी सुनवाई कर रहे जस्टिस एएम खानविलकर ने विधानसभा के फैसले पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि यह फैसला निष्कासन से भी बुरा है और यह किसी एक सदस्य को नहीं, बल्कि उसके पूरे निर्वाचन क्षेत्र को सजा देने के बराबर है. आमतौर पर माना तो यही जा रहा था कि राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी द्वारा विधान परिषद में मनोनयन के लिए सरकार द्वारा भेजे गए 12 नामों को लटका दिए जाने का प्रतिशोध लेते हुए बीजेपी के 12 विधायकों का पूरे 1 वर्ष के लिए निलंबन कर दिया गया था. 

    बीजेपी ने निलंबन को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. आम धारणा थी कि ‘जैसे को तैसा’ की भावना से यह कदम उठाया गया था. वैसे वजह यह थी कि महाराष्ट्र विधानसभा में पीठासीन अधिकारी भास्कर जाधव के साथ अपमानजनक व्यवहार करने के लिए 6 जुलाई 2021 को इन 12 विधायकों को निलंबित किया गया. 

    तब से लगभग 7 माह का समय होता आ रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विधायकों का निलंबन सिर्फ उस समय चल रहे मानसून सत्र के लिए भी हो सकता था लेकिन ऐसा न करते हुए 1 वर्ष के निलंबन का फैसला किया गया. इस वजह से ये विधायक विधानमंडल के शीत सत्र में भाग नहीं ले पाए. संविधान के मुताबिक कोई भी चुनाव क्षेत्र 6 माह से ज्यादा बगैर प्रतिनिधित्व के खाली नहीं रखा जा सकता, इसलिए 1 वर्ष निलंबन का फैसला मनमाना और असंवैधानिक है. 

    एक सत्र में दी गई सजा दूसरे सत्र में भी लागू रही. जनधारणा है कि बीजेपी के सक्रिय व तेज-तर्रार विधायकों को निलंबित कर विपक्ष के आक्रमण की धार कुंद करने का प्रयास किया गया. अब विधानसभा अध्यक्ष को इस पर अंतिम निर्णय लेकर विधायकों को बहाल करना होगा. शिवसेना नेता संजय राऊत ने कहा कि न्यायालय की दिलासा सिर्फ एक राजनीतिक पार्टी को क्यों मिलती है, हमें क्यों नहीं मिलती? उनका इशारा विधान परिषद में मनोनयन के लिए भेजे गए 12 नामों को लेकर था, जिन्हें राज्यपाल ने अभी तक मंजूरी नहीं दी है और ठंडे बस्ते में डाल रखा है. (एजेंसी)