‘दीदी’ के राज्य में क्रिकेटर्स के लिए तालिबानी फ़रमान, इन प्रतिबंधों के साथ बांग्ला भाषा भी हुआ जरूरी

    -विनय कुमार

    पश्चिम बंगाल क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और राज्य के पूर्व खेल मंत्री लक्ष्मी रतन शुक्ला (Laxmi Ratan Shukla) ने आज सोमवार को फिटनेस camo के साथ अंडर-23 कोच (U-23 Coach) के तौर पर नई पारी की शुरुआत की। उन्होंने इस नई जिम्मेदारी की शुरुआत करते ही अपने राज्य के उभरते क्रिकेटर्स के लिए तालिबानी फ़रमान जारी कर दिए हैं। इसमें सोशल मीडिया से परहेज़ के साथ लंबे बाल रखने पर प्रतिबंध भी शामिल है।

    पश्चिम बंगाल क्रिकेट के डोमेस्टिक क्रिकेट में एक धाकड़ खिलाड़ी रहे लक्ष्मी रतन शुक्ला 2016 में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े और इस साल (2021) के जनवरी तक वे युवा मामलों और खेल के राज्यमंत्री रहे। बाद में उन्हें TMC का हावड़ा जिला अध्यक्ष बनाया गया। लेकिन, इस साल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से ठीक पहले उन्होंने क्रिकेट पर ज्यादा ध्यान देने के मद्देनजर राजनीति का त्याग कर दिया। उन्होंने पश्चिम बंगाल की अंडर-23 (U-23 Cricket Team West Bengal) टीम के कोच के तौर पर वापसी की। 

    40 साल के लक्ष्मी रतन शुक्ला कोच पद संभालने के बाद कहा, “मैंने लड़कों (Young Crickters) से कहा है कि वे सोशल मीडिया पर कुछ न डालें। उन्हें शिष्टाचार और अनुशासन बनाए रखना होगा।” फिटनेस सेशन 4 चार घंटे से ज्यादा चला, जिसमें 60 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इन खिलाड़ियों को ग्रुप्स में बांटा गया था और सभी अपने बने ग्रुप के हिसाब से फिटनेस ट्रेनिंग केलिए आए थे।

    U-23 टीम के नए कोच लक्ष्मी रतन शुक्ला ने कहा, “लंबे बाल वाले खिलाड़ियों को फौरन बाल कटवाने होंगे। टीम की एकता के लिए उन्हें बंगाली भाषा सीखनी होगी।” उन्होंने कहा, “जूनियर लेवल से सीनियर टीम में खिलाड़ियों का आना बड़ा अहम होता है। यही वजह है कि मैंने जूनियर खिलाड़ियों के साथ काम करने का ऑप्शन चुना है।”

    गौरतलब है कि, लक्ष्मी रतन शुक्ला टीम इंडिया के लिए भी 3 वनडे इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं। शुक्ला ने कहा कि उनका काम यह सुनिश्चित करना है कि बंगाल (West Bengal) के ज्यादा-से-ज्यादा खिलाड़ी नेशनल टीम में जगह बनाएं। जब उनसे सवाल किया गया कि, क्या कामयाबी के लिए कोई प्लानिंग है ? इसपर उन्होंने कहा, “जब मैं खेलता था, तब भी मुझे इस प्लानिंग पर ज्यादा विश्वास नहीं होता था। मैंने सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) को खेलते देखा है। मुझे कभी भी ऐसा नहीं लगा कि उनके पास (सौरव गांगुली) भी किसी तरह की फिक्स्ड प्लानिंग है।”

    लक्ष्मी रतन शुक्ला ने कहा, “आपके दिमाग में प्लानिंग होनी चाहिए। लेकिन, प्लानिंग से आपको सेंचुरी ठोकने या 5 विकेट हासिल करने में मदद नहीं मिल सकती है। कोशिश महत्वपूर्ण है। मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि सेशन के दौरान खिलाड़ी कोशिश कर रहे हैं। मैं कोच नहीं हूं, मैं गाइड हूं। एक हेल्पर हूं, जो यहां क्रिकेटर्स की मदद करने के लिए है। मेरी एक क्रिकेटर के तौर पर चाहत है कि बंगाल (West Bengal) के और खिलाड़ी नेशनल टीम में शामिल हों।”