प्रशासन की दोहरी नीति का विरोध- थोक सब्जी विक्रेताओं में फैली नाराजगी

  • श्रृंखलाबद्ध अनधन से करेंगे नववर्ष का स्वागत
  • पत्र परिषद में दी जानकारी

अकोला. महानगर पालिका प्रशासन ने थोक सब्जी व्यापारियों को कोरोना वायरस के बहाने सार्वजनिक सब्जी बाजार में हर्रासी करने से रोक दिया था. जिससे यह व्यवसायी लोनी रास्ते पर स्थानांतरित हो गए. लेकिन अभी भी कुछ सब्जी विक्रेता जनता सब्जी बाजार में खुलेआम हर्रासी करते हुए देखे जा सकते हैं. जिसके कारण अन्यायग्रस्त सब्जी विक्रता 1 जनवरी से श्रृंखलाबद्ध अनशन करने के जानकारी लोनी मार्ग के थोक सब्जी विक्रेताओं ने पत्रकार परिषद में दी है.

यह भी आरोप लगाया गया था कि मनपा प्रशासन जनता सब्जी बाजार की जगह पर एक वाणिज्यिक परिसर का निर्माण करना चाहता था. जमीन खरीदने और बाजार के लिए स्टॉल बनाने के लिए लोनी मार्ग के बाजार में 220 से अधिक थोक व्यापारी एक साथ आए हैं. शुरू में यहां ग्राहकी थी. लेकिन पिछले कुछ दिनों से जनता सब्जी बाजार में कुछ व्यवसायियों द्वारा जिन्हें मनपा का आशीर्वाद प्राप्त है, पुन: अपने स्थान पर हर्रासी शुरू कर दी हैं.

जिसके कारण लोनी मार्ग पर स्थित व्यवसायियों के ग्राहकी पर परिणाम हो रहा है. लोनी मार्ग पर स्थित बाजार की ओर थोक सब्जी विक्रेताओं का रुझान कम हो गया है. नतीजतन, लोनी मार्ग पर व्यवसायी खुद को वित्तीय संकट में पाया है. जिससे वे जनता सब्जी मंडी में पूर्व की तरह व्यवसाय शुरू करने की अनुमति देने की मांग कर रहे हैं. अन्यथा व्यवसायियों ने अपने परिवारों के साथ श्रृंखलाबद्ध अनशन शुरू करने की सूचना दी है.

यह जानकारी पत्र परिषद में संस्था के अध्यक्ष राजेश डाहे ने दी. पत्र परिषद में संस्था के कोषाध्यक्ष प्रशांत चिंचोलकार, संचालक संतोष अंबरते, अनंत चिंचोलकर, गणेश घोसे, अनिल गोलाईत, शिवा पल्हाडे, राजेश ढोले, अमोल गोलाईत, योगेश चापके, संजय कोकाटे, गजानन कातखेड़े, राजेश ढोमने, सुलभा अंबरते, नंदा गोलाईत सहित सावित्रीबाई ज्योतिबा फुले मुख्य सब्जी बाजार के थोक विक्रेता, अड़ते और स्टालधारक उपस्थित थे. गाळेधारक  उपस्थित होते.