Aurangabad Smart City

    औरंगाबाद: महमूद गेट (Mehmood Gate) के संवर्धन का कार्य औरंगाबाद स्मार्ट सिटी (Aurangabad Smart City) द्वारा शुरु किया गया है। इस ऐतिहासिक दरवाजे का संवर्धन और सौंदर्यीकरण उच्चतम दर्जे को हो, इसको लेकर  स्मार्ट सिटी और आईआईटी बॉम्बे के विशेषज्ञों से थर्ड पार्टी ऑडिट (Third Party Audit) करा रहा है। इसको लेकर स्मार्ट सिटी (Smart City) के अधिकारियों के साथ आईआईटी बॉम्बे के  टीम ने महमूद गेट का दौरा किया।   

    औरंगाबाद स्मार्ट सिटी द्वारा महमूद गेट का संवर्धन  औरंगाबाद महानगरपालिका कमिश्नर और स्मार्ट सिटी के सीईओ आस्तिक कुमार पांडेय (Astik Kumar Pandey) के मार्गदर्शन में कर रहा है। इस दरवाजे की खराब स्थिति के कारण इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए नंददीप एजेंसी के महेश वर्मा को विशेषज्ञ सलाहकार नियुक्त किया गया है। उनकी देखरेख में संवर्धन कार्य चल रहा है। इसके लिए आईआईटी की टीम ने स्मार्ट सिटी की परियोजना प्रबंधक स्नेहा बख्शी, परियोजना सहयोगी किरण आडे और परियोजना सलाहकार के साथ निरीक्षण किया। 

    जुलाई के अंत तक पूरा होगा कार्य

    निरीक्षण के दौरान आईआईटी बॉम्बे के प्रोफेसर डॉ. सिद्धार्थ घोष ने कहा कि पुराने ढांचों को जितना हो सके संरक्षित रखा जाए और सीमेंट और स्टील के इस्तेमाल से बचा जाए। गेट का पनचक्की का साइड काफी मजबूत है।  वहां पुराना प्लास्टर निकालकर नए से चूने का प्लास्टर लगाया जाए। उन्होंने गेट के निचले हिस्से को रेट्रोफिंटिंग कर  गेट का भार वहन करने के लिए इसे मजबूत करने का सुझाव दिया। परियोजना प्रबंधक स्नेहा बख्शी ने कहा कि उनकी सलाह का पालन किया जाएगा। स्मार्ट सिटी के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण शिंदे की देखरेख में संवर्धन कार्य जुलाई के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।