दुल्हन की निकली बारात: नई नवेली दुल्हन ने दुल्हे के साथ फेटा बांधकर की घुडसवारी

    • लोणीवासियों के लिए आकर्षक रही अनूठी शादी

    आर्णी. आर्णी तहसील के लोणी में विवाह के अवसर पर दुल्हे के साथ ही सीर पर फेटा बांधकर नई नवेली दुल्हन की भी घोडे पर बारात निकली, आम परंपराओं कों दुर कर दुल्हे की तरह घोडे पर सवार होकर निकली दुल्हन की इस बारात ने हर किसी का ध्यान खिंच लिया. विवाह समारोह की बात होते ही विवाह की खुशीयां, दुल्हे की बारात और नववर वधु पक्ष में उत्साह का माहौल होता है.

    विवाह के अवसर पर दुल्हा पक्ष की ओर से विवाह के पहले दिन बारात निकाली जाती है, इसके लिए घोडा, बैंड बाजा और डीजे की धुन पर बारात में शामिल दुल्हे के रिश्तेदार, दोस्त और निकटवर्ती नाचते गाते हुए बारात में शामिल होते है, लेकिन इसी तरह घोडे पर सवार और सीर पर फेटा बांधकर नई नवेली दुल्हन के रुप में सजी धजी लडकीयों की बारात आम तौर पर नही निकलती हैदिखती है.

    इसे अपवाद साबित करते हुए आर्णी तहसील के लोणी निवासी किसान गुणवंत खंदारे की बडी बेटी निशिगंधा की घोडे पर बैठकर निकली बारात सभी के लिए चर्चा और आकर्षण का केंद्रबिंदु ठहरी.लडकों के साथ ही अब लडकीयां भी विवाह की बारात में घोडे पर सवार होने की खुशी ले सकती है, यह इस बारात ने सभी को दिखा दिया.

    लोणी निवासी किसान गुणवंत खंदारे की निशिगंधा नामक इस बेटी का विवाह मंगरुलपीर तहसील के कवठल निवासी विठ्ठलराव नामदेवराव खडसे के बेटे सागर के साथ 7 मई को उत्साह के साथ संपन्न हुआ.नववधु निशिगंधा के मामा शरद कांबले ने इस अवसर पर नई संकल्पना रुजाते हुए अपनी भांजी निधिगंधा की दुल्हे जैसी बारात वधु के पिता गुणवंत खंदारे को इसका आग्रह किया, जिसे परिवार के सदस्यों और विवाह में शामिल बारातीयों ने भी हामी भरी.

    जिसके बाद विवाद के पहले दिन शाम में नववधु की बारात निकालने की तैयारी करते हुए इसके लिए घोडा, डिजे का प्रबंध किया गया.इस अवसर पर पटाखों की आतिषबाजी में घोडे पर सवार नई नवेली दुल्हन निधिगंधा की इस अभिनव बारात को देखने के लिए पुरा गांव हाजीर था.

    फिलहाल समय बदल रहा है, वर से ज्यादा वधु को महत्व दिया जा रहा है. दुल्हे की बारात की तरह ही वधु की भी बारात निकलें एैसा संदेश इसके जरीए दिया गया.पुरे जिले में नववधु की घोडे पर बैठकर निकली इस बारात की चर्चा की जा रही है. उल्लेखनिय बात यह है की विवाह के एक दिन पुर्व नव वर वधु ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संवर्धन का संदेश भी दिया.