देश के कोयला ताप केंद्र के 13 युनिट बंद, चंद्रपुर सीटीपीएस के 2 युनिट बंद

    • कोयला के अभाव से 1350 मेगावैट बिजली निर्मिती 

    चंद्रपुर. बिजली उत्पादन के लिए आवश्यक कोयला के आपूर्ति में कमी आने से इसका परिणाम बिजली निर्मिती पर हो रहा है. संपूर्ण देश में फिलहाल कोयले का संकट आने से देश के कोयला ताप केंद्र के 13 युनिट बंद है. जिसमें चंद्रपुर महाऔष्णिक बिजली केंद्र का भी समावेश है. चंद्रपुर सीटीपीएस के 2 युनिट बंद है. कोयले अभाव से युनिट क्रमांक तो 5 तो कैपिटल ओव्हरआल के चलते युनिट क्रमांक 3 को बंद रखा गया है. कोयले के अभाव के चलते फिलहाल 1350 मेगावैट बिजली निर्माण हो पा रही है. 

    चंद्रपुर महाऔष्णिक बिजली निर्मिती की क्षमता 2920 मेगावैट है. परंतु आज तक कभी भी पूर्ण क्षमता से बिजली निर्मिती नही हुई. पूर्ण क्षमता की बिजली निर्मिती के लिए काफी प्रयास किए जाते है.

    बीच में वाशकोल इस्तेमाल करने का प्रयास किया गया परंतु वह असफल रहा. यहां के 1 व 2 क्रमांक के युनिट स्थायी तौर से बंद करने के बाद युनिट क्रमांक 3 से 9 युनिट के माध्यम से बिजली उत्पादन लिया जा रहा था. परंतु उचित कोयला नही मिलने से बिजली निर्मिती के उत्पादन में कमी आयी है. ऐसे में अब कोयला आपूर्ति कमी होने से 500 मेगावैट का युनिट क्रमांक 5 बंद किया है. 210 मेगावैट का युनिट क्रमांक 3 कैपिटल ओव्हर आल के लिए बंद रखा गया है. पूर्ण क्षमता से बिजली निर्मिती करने हेतु प्रतिदिन 22 हजार मेट्रीक टन कोयले की पूर्तता नही होने यह संकट निर्माण हुआ है.    

    देश के 13 युनिट बंद 

    देश में कोयले की किल्लत के चलते पिछले कुछ दिनों से औष्णिक बिजली केंद्र में बिजली की निर्मिती में कमी आयी है. महावितरण को बिजली आपूर्ति करनेवाले सीटीपीएस केंद्र के 13 युनिट कोयले के अभाव से बंद पडे है. इसमे महानिर्मिती के चंद्रपुर, भुसावल व नाशिक के प्रत्येकी 210 मेगावैट तथा पारस 250 मेगावैट व भुसावल व चंद्रपुर के 500 मेगावैट का प्रत्येकी 1 युनिट बंद हुआ है.

    इसके साथ ही पोस्टल गुजरात पॉवर लिमिटेड के  (गुजरात) 640 मेगावैट के 4 युनिट व रतन इंडिया पॉवर लिमिटेड के  (अमरावती) 810 मेगावैट के 3 युनिट बंद है. इससे महावितरण को औष्णिक बिजली निर्मिती केंद्र से समझौते के तहत मिलनेवाले बिजली में कम आ रही है. 

    महावितरण का आह्वान 

    कोयले के किल्लत के चलते बिजली संकट गहराने की संभावना अधिक है. मांग व आपूर्ति का संतुलन बनाए रखने व लोडशेडींग को टालने के लिए बिजली ग्राहकों ने सुबह 6 से 10 व शाम 6 से रात 10 बजे के दौरान बिजली के उपयोग में कमी लाने का आह्वान महावितरण की ओर से किया जा रहा है.