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  • अ.भा.आदिवासी विकास परिषद का आरोप

चंद्रपुर: आदिवासी विकास विभाग के माध्यम से प्रतिवर्ष आदिवासी किसानों को सिंचाई के लिए तेलपंप, विद्युत पंप, एच.डी.पी.पाई एवं अन्य कृषि औजार आदि मुहैया किए जाते है परंतु  विगत चार वर्षों से आदिवासी किसानों को इन सभी योजनाओं से वंचित रखे जाने का आरोप अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद ने यहा पत्र परिषद में लगाया है.

अ.भा. आदिवासी विकास परिषद का कहना है कि आदिवासी विकास विभाग के माध्यम से प्रतिवर्ष नियमित योजना के तहत आदिवासी किसानों को सिंचाई के लिए तेलपंप, विद्युतपंप, एच.डी.पी. पाईप साथ ही अन्य कृषि औजार यह योजना टी.एस.पी., ओ.टी.एस.पी. इस प्रकार के लाभार्थियों का चयन कर एकात्मिक आदिवासी विकास प्रकल्प कार्यालय मार्फत आवेदन आमंत्रित कर आदिवासी निरीक्षक द्वारा जांच कर लाभार्थियों की सूची मंजूर की जाती है. इसके उपरांत मंजूर सूची आदिवासी विकास महामंडल के पास भेजी जाती है. इस तरह से उक्त योजना का वितरण होता है परंतु वर्ष 2015-16, 2016-2017 में मंजूर योजना के लाभार्थियों को चार वर्ष बीतने के बाद भी उक्त योजना का लाभ नहीं मिला है. 

उल्लेखनीय है कि उक्त योजना 2016-2017 में आदिवासी विभाग द्वारा कृषि विभाग को सौप दी गई थी. इसके मंजूर निधि 3 करोड़ 19लाख 12 हजार 255 रुपये कृषि विभाग के पास डेढ वर्ष से रखे हुए थे.इसके उपरांत कृषि विभाग ने  2018-2019में फिर से यह योजना एकात्मिक आदिवासी विभाग को वापस कर दी. इसके बाद भी एकात्मिक आदिवासी विभाग ने लाभार्थी किसानों को निधि का वितरण नहीं किया. 

अ.भा. आदिवासी परिषद का आरोप है कि आदिवासी विकास प्रकल्प कार्यालय एवं आदिवासी विकास महामंडल आदिवासी किसानों को गुमराह कर रहा है. चार वर्षों से चक्कर काटने के बाद भी लाभार्थियों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पाया है. यदि आदिवासी किसानों के साथ न्याय नहीं किया गया तो आंदोलन की चेतावनी अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद साथ ही अन्य सभी आदिवासी संगठनों ने दी है.

पत्र परिषद में अ.भा. आ.वि.परिषद चंद्रपुर जिला युवा अध्यक्ष कृष्णा मसराम, विश्वेश्वर मेश्राम, लाभार्थी नामदेव मडावी, पत्रु कुमरे आदि उपस्थित थे