आरटीई के छात्रों से वसूले लाखों रुपये, पैरामाउंट कॉन्वेंट में उजागर हुआ मामला

    चंद्रपुर. राइट टू एजुकेशन अर्थात शिक्षा अधिकार के तहत गरीब विद्यार्थियों को निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा देने का प्रावधान होने के बावजूद कुछ शिक्षा संस्थान ऐसे बच्चों से हजारों रुपये लेकर लाखों रुपये कमा रहे है, ऐसा ही एक मामला यहां पैरामाउंट स्कूल में उजागर हुआ है.

    शिक्षा अधिकार आरटीई के तहत निर्धन छात्रों को निजी शिक्षा संस्थानों में मुफ्त प्रवेश देकर उनसे कोई भी शुल्क नहीं वसूलने का विद्यार्थियों को कानूनी अधिकार प्राप्त है, इसके बावजूद बाबुपेठ स्थित पैरामाउंट कान्वेंट में ऐसे छात्रों से ऑनलाइन क्लासेज, एडमिशन कार्ड, बीमा, एसएमएस तथा अन्य फंड के नाम पर 20 हजार रुपये वसूले जा रहे है, जो छात्र या अभिभावक यह रकम देने में अक्षम साबित हो रहे है, ऐसे छात्रों को परीक्षा से वंचित रखा जा रहा है.

    यह मामला तब उजागर हुआ जब शुल्क जमा नहीं करने पर परीक्षा से वंचित रखे गए कुछ छात्रों की शिकायतों पर जिला परिषद के शिक्षा विभाग ने इस मामले की विस्तृत जांच की तब यह बात उजागर हुई कि, आरटीई के तहत इस शिक्षा संस्थान में   वर्ष 2021-22 के शिक्षा सत्र में कुल 103 छात्रों को कक्षा पहली से कक्षा सातवीं में प्रवेश दिया गया था, उक्त छात्रों को नियम के अनुसार मुफ्त शिक्षा देना अनिवार्य था, इसके बावजूद पैरामाउंट कान्वेंट ने उक्त छात्रों से विभिन्न शुल्कों के नाम पर कुल 1 लाख 92 हजार रुपये वसूले गए थे.

    जांच में यह भी पता चला कि, शिक्षा सत्र 2020-21 में भी इस शिक्षा संस्थान में आरटीई के तहत शिक्षारत 80 विद्यार्थियों से कुल 48 हजार और वर्ष 2019 -20 में कुल 57 विद्यार्थियों से 68 हजार 400 रुपये वसूले गए.

    शिक्षा विभाग की जांच में यह भी पाया गया कि, आरटीई के तहत शिक्षारत जो छात्र शुल्क अदा नहीं कर सके ऐसे 3 छात्रों को परीक्षा से वंचित रखा गया है,जिनमें श्रीवन्या सोनकुसरे, स्वरा सोनकुसरे और सार्थक बावने का समावेश है. इनमें से श्रीवन्या को 2 बार परीक्षा से वंचित रखा गया था.

    जांच में स्पष्ट रूप से यह कहा गया है कि, स्कूल प्रबंधन ने आरटीई के तहत शिक्षारत विद्यार्थियों से शुल्क लेकर सरकारी नियमों का सरेआम उल्लंघन किया है. स्कूल प्रबंधन की यह कृति नियमबाह्य है.

    स्कूल संचालक के खिलाफ कार्रवाई करें

    इस बीच आम आदमी पार्टी के स्थानीय पदाधिकारियों ने यहां एक पत्रपरिषद में आरटीई के तहत शिक्षारत छात्रों से फीस वसूलने वाली पैरामाउंट कान्वेंट के संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा इस स्कूल की मान्यता स्थायी रूप से रद्द करने की मांग की. 

    उन्होंने कहा कि, सरकारी नियमों का सरेआम उल्लंघन कर आरटीई के तहत पढ़ रहे बच्चों से फीस वसूलना तथा फीस ना देने पर उन्हें परीक्षा से वंचित रखना कानूनी अपराध है, इस मामले में शिक्षा संस्थान के संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करना चाहिए. इन मांगों पर एक सप्ताह के भीतर कार्यवाही ना किये जाने पर आम आदमी पार्टी ने स्कूल को स्वयं ही ताला ठोंकने की चेतावनी दी है.

    पत्रपरिषद में आप के जिलाध्यक्ष सुनील मुसले, भिवराज सोनी, मयूर राइकवार, राजू कुले, राजेश चेटगुलवार, एडवोकेट सुनीता पाटिल, संतोष बोपचे, सुजाता बोदेले, सुनील सदभैया, चंदू माडूरवार, अशरफ सैय्यद उपस्थित थे.

    छात्रों को रकम लौटाने को तैयार : प्राचार्य

    इस संदर्भ में पैरामाउंट कॉन्वेंट के प्रिंसिपल मोहम्मद फैयाज से बात करने पर उन्होंने कहा कि, वे संबंधित छात्रों से वसूली गयी रकम लौटाने को तैयार है. उन्होंने कहा कि, आरटीई के जीआर में शिक्षा शुल्क नहीं वसूलने का उल्लेख है, सरकार वह रकम लौटाती तो है, किंतु जो सामग्री स्कूल बाहर से लाती है, उसके लिए तो पैसे वसूले जा सकते है. उन्होंने यह भी कहा कि, जो भी शुल्क वसूला गया है, वो अभिभावकों को विश्वास में लेकर ही लिया गया है.