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    •  विभीन्न मांगों का सौंपा ज्ञापन 

    गड़चिरोली.विभिन्न प्रलंबित मांगो की ओर सरकार का ध्यानाकर्षण करने के लिए एकात्मिक बालविकास सेवा योजना के आंगनवाड़ी सेविका, मिनी आंगनवाड़ी सेविका व मदतनीस, आशा वर्कर, गुट प्रवर्तक आदि कर्मचारियों ने आयटकच्या नेतृत्व में आज 24 सितंबर को हड़ताल करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पर दस्तक देकर धरना आंदोलन किया. इस दौरान विभीन्न मांगो का ज्ञापन पंतप्रधान को भेजा गया है. 

     फ्रंटलाईन वर्कर्स को तत्काल कोविड प्रतिबंधक निशुल्क टीका दे, कोविड़ बाधित हुए योजना कर्मचारियों को प्राथमिकता से अस्पताल की सभी सेवा आपूर्ति करे, स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए जीडीपी का 6 प्रश हिस्से के निधि का प्रावधान करे, वैद्यकीय बुनियादी सुविधाएं मजबूत करे, आवश्यक वह मनुष्यबल भर्ती करे, बिना कोविड मरीजों को सरकारी असपताल में उचित सरकारी अस्पताल में उचित उपचार की सुविधा उपलब्ध कराए, 50 लाख का बीमा लागू करे, कर्मचारियों के अबतक के सभी बकाया मानधन, भत्ता व मुआवजा तत्काल दे, कर्तव्य का निर्वहन करते समय कोविड की बाधा होने पर 10 लाख रूपये नुकसान मुआवजा दे.

    कामगार विरोधी श्रमसहिंता रद्द करे, योजना कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारियों का दर्जा दे, आईसीडीएस व एमडीएमएस योजना के सभी लाभार्थियों को अतिरीक्त राशन दे, सभी योजना कर्मचारियों को इएसआई व पीएफ लागू करे, मिनी आंगनवाड़ीयां पूर्ण आंगनवाड़ी में परिवर्तित करे, आंगनवाड़ी सेविकाओं को नए मोबाईल उपलब्ध कराएं, पोषण ट्रैकर ऍप मराठी में उसमें की सभी खामियां दूर करे अन्यथा एप रद्द करे, आंगनवाड़ी मदतनिस को आंगनवाड़ी सेविका पद पर सिधी नियुक्ती दे आदि विभिन्न मांगों को लेकर आयटक के जिलाध्यक्ष देवराव चवले, कामगार नेते डा. महेश कोपूलवार, जिला सचिव जगदिश मेश्राम के नेतृत्व में जिलेभर में आंगनवाड़ी सेविका, मिनी सेविका व मदतनीस, आशा वर्कर आदि कर्मचारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना दिया.

    आंदोलन में आंगनवाड़ी संगठना अध्यक्ष राधा ठाकरे, रजनी गेडाम, सारिका वांढरे, मिनाक्षी शेंडे, बसंती अंबादे, ज्योती केमलवार, ज्योती कोल्हापूरे, आशा चन्ने, मीरा कुरंजेकर, रेखा जांभुळे, अनिता अधिकारी, रुपा पेंदाम आदि समेत सैंकड़ों महिला कर्मी सहभागी हुए थे.