In Maharashtra, 65 people died in just 9 months in wild animal attacks, 23 tigers died in 6 months, the state government said
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    आरमोरी: शैक्षणिक नगरी के रूप में परिचित आरमोरी तहसील में अब नरभक्षी बाघ का खौफ छाने लगा है. आरमोरी तहसील से सटे देसाईगंज तहसील के उसेगांव परिसर में बाघ ने 2 लोगों की जान थी. अब आरमोरी तहसील में भी बाघ ने अपना आतंक मचाया हुआ है. आरमोरी शहर समिपस्य अरसोडा गांव के खेत परिसर में शुक्रवार को सुबह के दौरान बाघ ने खेतों को पानी देने हेतु गई एक महिला किसान पर हमला कर उसे मौत के घाट उतारा था.

    इस घटना को 24 घंटों का भी समय नहीं बिता था, ऐसे में बाघ ने दुसरे ही दिन ग्रिष्मकालिन फसलों को पानी देने गए एक किसान की भी जान ली है. जिससे आरमोरी तहसील में बाघ का काफी खौफ निर्माण हुआ है. आरमोरी तहसील मुख्यालय से ही कुछ दूरी यह दोनों घटनाएं होने के कारण लोगों में दहशत का माहौल निर्माण हुआ है. नरभक्षी बाघ का बंदोबस्त करने की मांग को लेकर जनाक्रोश बढ़ता नजर आ रहा है. 

    आरमोरी शहर से महज 1 किमी दूरी पर स्थित अरसोडा गांव में शुक्रवार की सुबह के दौरान ग्रीष्मकालिन फसलों को पानी देने हेतु गई महिला किसान नालु जांगले पर बाघ ने हमला किया. जिसमें उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई. इसके बाद आज शनिवार 14 मई को सुबह 7.30 बजे के दौररान आरमोरी शहर समिपस्य वडसा मार्ग पर कोसा प्रकल्प के समिप अपने खेतों में लहराती ग्रीष्मकालीन फसलों को पानी देने हेतु सिताबर्डी निवासी किसान नंदू गोपाला मेश्राम (50) गए थे. इस दौरान घात लगाए बैठे  बाघ ने उनपर हमला कर उन्हे मौत के घाट उतारा.

    इसकी जानकारी मिलते ही वनविभाग के अधिकारियों के साथ वनकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे. वनाधिकारियों ने मामले का पंचनामा किया. निरंतर 2 दिनों में ही आरमोरी तहसील में बाघ ने 2 किसानों को अपना शिकार बनाया है. इससे पूर्व देसाईगंज तहसील में भी 2 लोगों की बाघ ने जान ली है. ऐसे में दोनों तहसीलों में जनाक्रोश बढ़ता नजर आ रहा है. नागरिकों द्वारा तत्काल बाघ का बंदोबस्त करने की मांग की जा रही है. विभिन्न राजनितिक दल भी बाघ के बंदोबस्त की मांग को लेकर आगे आए है. जिससे वनाधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर यथाशिघ्र मृतक के परिवारों को वित्तीय मदद व बाघ का बंदोबस्त करने की मांग की जा रही है.

    बतां दे कि, देसाईगंज तहसील में हुई घटना के मद्देनजर वनविभाग एक्शन मोड पर आया था. जिससे नागझिरा व ताडोबा प्रकल्पों से विशेष शॉपशुर्टर की टिम बुआई गई थी. उनके साथ वनविभाग के दस्ते ने वनक्षेत्र का मुआयना किया. ट्रैप कैमेरों के साथ ही पिंजरे भी लगाए गए है. किंतू उनके पकड़ में बाघ नहीं आया है. ऐसे में आरमोरी तहसील में भी बाघ ने 2 लोगो को मौत के घाट उतारने से लोगों में आक्रोश बढ़ता नजर आ रहा है. ऐसे में वनविभाग क्या भुमिका लेता है, इस ओर सभी की निगाहें गढ़ी हुई है. 

    1 माह में गई 4 लोगो की जान 

    देसाईगंज व आरमोरी तहसील में बाघ ने उत्पात मचाया हुआ है. जिसके चलते देसाईगंज तहसील में 2 तथा आरमोरी तहसील में 2 ऐसे कुल 4 लोगों ने एक माह के अंतराल में बाघ का शिकार हुए है. बिते अप्रैल माह में 14 अप्रैल को देसाईगंज तहसील के उसेगांव जंगल परिसर में महुआ फुल संकलन करने गए कुरूड निवासी मधुकर मेश्राम, 3 अप्रैल को इसी जंगल परिसर में चोप कोरेगांव निवासी युवक अजीत नाकाडे तथा 13 अप्रैल को आरमोरी तहसील के अरसोडा में महिला किसान नालु जांगले व अब आज शनिवार किसान नंदू मेश्राम को बाघ ने अपना शिकार बनाया है.

    बिते एक माह के अंतराल में ही बाघ ने 4 लोगों की जान लेने के कारण किसानों के साथ ही लोगों में दहशत का माहौल है. ऐसे में खेतीबाडी कैसे करे और आजिविका कैसे चलाएं इस कश्मकश में किसानों के साथ ही ग्रामीण अंचल के मजदूर व लोग दिखाई दे रहे है. 

    शिवसेना ने किया वनाधिकारियों का घेराव 

    देसाईगंज तथा आरमोरी परिसर में बिते अनेक दिनों से बाघ ने उत्पात मचाया हुआ है. जिससे किसानों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल है. बिते कुछ दिनों में ही बाघ ने अनेक लोगो की जान ली है. शुक्रवार व शनिवार को आरमोरी तहसील में निरंतर 2 दिनों में बाघ ने 2 लोगो की जान ली है. किंतू अब भी नरभक्षी बाघ पकड़ने में वनविभाग को सफलता नहीं मिली है. ऐसे में लोगों में जनाक्रोश बढ रहा है. उक्त बाघ का बंदोबस्त करने की मांग को लेकर आज शनिवार को शिवसेना के आरमोरी विस जिलाप्रमुख सुरेंद्रसिंह चंदेल के नेतृत्व में वनविभाग के वरीष्ठ अधिकारियों का घेराव किया.

    इस समय अविनाश गेडाम, तहसील प्रमुख भुषण सातव, वडसा तहसील प्रमुख नंदू चावला, निर्माण सभापति सागर मने, नंदू खान्देशकर, आदि उपस्थित थे. इस दौरान वड़सा वनविभाग के उपवनसंरक्षक मिलिंद दत्त शर्मा, सहाय्यक वनसंरक्षक धंनजय वायभासे, चव्हाण,  वनपरिक्षेत्र अधिकारी मेश्राम आदि का घेराव कर तत्काल बाघ का बंदोबस्त करने की मांग की गई. अन्यथा वनविभाग के कार्यालय को ताला जडने की चेतावनी भी दी गई. इस दौरान राजु ढोरे, राकेश सहारे, देवेंद्र मेश्राम  समेत शिवसेना के पदाधिकारी उपस्थित थे. 

    विधायक ने की परिवार की सांत्वना 

    आरमोरी तहसील के बर्डी निवासी नंदु मेश्राम की बाघ के हमले में मौत हुई. इस घटना की जानकारी मिलते ही विधायक कृष्णा गजबे ने मेश्राम के घर भेट देकर मृतक के परिवार की सांत्वना की. इस समय पंकज खरवडे, सेलोकरताई, मानिक भोयर, मारकवार, बि. डी. सेलोकर, नंदु नाकतोडे, शुभाष सपाटे, जितु ठाकरे समेत वनाधिकारी उपस्थित थे. इस दौरा विधायक कृष्णा गजबे ने बाघ का तत्काल बंदोबस्त करने की मांग मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में की है. अन्यथा तिव्र आंदोलन करने की चेतावनी भी दी गई है. 

    नरभक्षी बाघ को तत्काल पकड़े-नेते  

    आरमोरी तहसील में नरभक्षी बाघ के हमले में निरंतर 2 लोगों की मौत हुई है. जिससे लोगों में दहशत का माहौल निर्माण हुआ है. जिससे नरभक्षी बाघ का तत्काल बंदोबस्त करने की सूचना सांसद अशोक नेते ने वनसंरक्षक  तथा वनिवभाग के अधिकारियों को दी है. फिलहाल तेंदूपत्ता का सीजन शुरू है. जिस कारण मजदूरों केा तेंदूपत्ता संकलन करने हेतु वनों में जाना पड़ता है. इसके साथ ही ग्रीष्मकालिन फसलों को पानी देने हेतु किसानों को भी खेतों में जाना पड़ता है. ऐसे में घात लगाकर बैठे बाघ के हमले में लोगों की जाने जा रही है. आरमोरी तहसील में हुई निरंतर 2 घटनाओं से नागरिकों में दहशत निर्माण हुई है. आगे भी वारदात होने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है. जिससे इस संदर्भ में युद्धस्तर पर कार्य कर बाघ का बंदोबस्त करने की सूचना सांसद नेते ने की है. 

    पूर्व विधायक ने की अधिकारियों से चर्चा 

    आरमोरी व  वडसा तहसील में लोगों की जान लेनेवाले नरभक्षी बाघ का तत्काल बंदोबस्त कर अन्य वाघ्र प्रकल्प में उक्त बाघ का स्थानांतरण करे तथा बाघ के हमले मारे गए मृतक के परिवार को वित्तीय मदद देने की मांग पूर्व विधायक आनंदराव गेडाम ने उपवनसंरक्षक शर्मा की भेट लेकर की है. इस समय सहाय्यक वनसंरक्षक धनंजय वायभासे, मनोज चव्हाण, वनपरिक्षेत्र अधिकारी अविनाश मेश्राम, यसमेत वृक्षवल्ली वन्यजीव संरक्षण संस्था के अध्यक्ष देवानंद दुमाणे, अंकुश गाढवे, साबीर शेख उपस्थित थे.