घरकुल योजना: लाभार्थी नहीं खरीद पा रहे सामग्री

    गोंदिया. राज्य शासन ने घरकुल निर्माण के लिए लाभार्थियों को 5 ब्रास रेत नि:शुल्क उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है. लेकिन लाभार्थियों को नि:शुल्क रेत नहीं मिल पाती है. घरों के निर्माण के लिए आवश्यक रेत की खरीदी के लिए 40 हजार रु. तक की आवश्यकता है. यदि अन्य सामग्री खरीदी जानी है तो प्राप्त अनुदान से सामग्री नहीं खरीदी जा सकती. फिर कुल 1 लाख 50 हजार रु. के अनुदान से घरकुल का निर्माण कैसे होगा, ऐसा प्रश्न घरकुल  के लाभार्थियों के सामने है.

    बेघर और गरीब नागरिकों को स्वयं का घरकुल मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा विभिन्न आवास  योजनाएं लागू की जाती हैं. इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में लाभार्थियों को एक लाख 50 हजार रु. की सब्सिडी दी जाती है. वर्तमान में 6 से 7 हजार रु. ब्रास के हिसाब से रेत की बिक्री का जा रही है. एक घरकुल का निर्माण करने के लिए कम से कम 5 से 6 ब्रास रेत की आवश्यकता होती है. उसके लिए ही 35 से 40 हजार रु. तक का भुगतान करना पड़ रहा है. ईंटों की कीमत देखें तो प्रति ट्रॉली 5 से 6 हजार रु. है और एक घरकुल निर्माण के लिए कम से कम 4 ट्रॉली ईंटों की आवश्यकता होती है. फिर बची हुई रकम में पूरे घर का काम कैसे पूरा करें? यह एक बड़ा सवाल है.

    पिछले कई माह से रेतीघाट की नीलामी नहीं होने से घरकुल लाभार्थियों को नि:शुल्क रेत नहीं मिल सकी. समय पर सब्सिडी नहीं मिलने और नि:शुल्क रेत नहीं मिलने से घरकुल लाभार्थियों को परेशानी हो रही है. राज्य शासन ने लाभार्थियों को राहत के तौर पर जनवरी 2019 में घरकुल निर्माण के लिए 5 ब्रास रेत नि:शुल्क देने की घोषणा की थी.

    यही आदेश शासन ने जनवरी 2019 में जारी किया था. लाभार्थियों को अभी तक लाभ नहीं मिला है. दूसरी ओर घरकुल योजना के तहत अनुदान अनियमित है और नि:शुल्क रेत उपलब्ध नहीं होने के कारण लाभार्थी  सवाल उठा रहे हैं कि घरकुल का निर्माण कैसे पूरा किया जाए. लाभार्थियों को नि:शुल्क 5 ब्रास रेत देने वाला वह जीआर जिले से गायब हो गया है, जिला प्रशासन की ‘प्रक्रिया’ को लेकर लाभार्थियों में रोष व्याप्त है.

    घरकुल के लिए आवश्यक सामग्री व उनके दर 

    सामग्री की आवश्यकता के अनुसार कुल लागत

    रेत 5 ट्रैक्टर ट्रॉली – 6 हजार रु. के हिसाब से  30 हजार रु., 

    ईंट 5 ट्रैक्टर ट्रॉली – 6 हजार रु.  के हिसाब से 30 हजार रु.

    लोहा 7 क्विंटल – 6 हजार 400 रु. के हिसाब से  44 हजार 800 रु.

    गिट्टी 3 ट्रैक्टर ट्रॉली – 5 हजार रु. के हिसाब से 15 हजार रु.

    सीमेंट 100 बोरी – 330 रु. प्रति बोरी के हिसाब से 33 हजार रु.

    मजदूरी 275 चौ. फुट निर्माण 125 प्रति चौ.  फुट 34 हजार रु.

    साथ ही दरवाजे, खिड़कियां व अन्य सामग्री की खरीदी.