Dengue
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    गोंदिया. पिछले दो वर्षो से शुरू कोरोना संक्रमण का दौर अब भी समाप्त नहीं हुआ है. इसी में अब बारिश के दिनों में घर घर सर्दी, खांसी, बुखार (वायरल) के मरीज पाए जा रहे है. इसमें सबसे अधिक छोटे बच्चों को प्रभावित देखा जा रहा है. जिससे शासकीय अस्पताल सहित निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है.

    इतना ही नहीं पिछले कुछ दिनों से शुरू बारिश से डेंगू व मलेरिया सहित अन्य जलजन्य बीमारियां बढ़ने का खतरा निर्मित हो गया है. जगह जगह  पानी जमा होने से मच्छरों की संख्या बढ़ी है. जिससे छोटे बच्चे बीमार होने की बात बालरोग विशेषज्ञ कर रहे है. कोरोना के दुष्परिणाम  सभी ने अनुभव किया है. जिससे कोई भी खतरा उठाने के लिए तैयार नहीं है. सीधे डाक्टरों के पास दौड़ लगा रहे है.

     ऐसी परिस्थिति में कुछ दिनों में ठंडी, बुखार की वजह से बाल मरीजों की संख्या बढ़ गई है. जिससे पालकों में चिंता  का वातावरण बना हुआ है. पिछले 1 जुलाई से हर दिन बारिश हो रही है. आसमान में छाए काले बादल और सूर्यप्रकाश के अभाव में मच्छरों की बड़े पैमाने पर उत्पत्ती होती है. जिससे बालकों को ठंडी, बुखार सहित अन्य संक्रमण बीमारी हो रही है. इससे बचने के लिए पालक सतर्कता बरतें. पानी उबालकर पीए, गरम भोजन करें, ऐसी सलाह डाक्टरों ने दी है.

    बारिश के दिनों में सर्दी, फ्लू होने का खतरा होता है. मौसम में परिवर्तन होने से सर्दी और बुखार आना सामान्य है लेकिन जिन लोगों की रोग प्रतिकारक शक्ति कम होती है उन पर फ्लू या इन्फ्लुएंजा वायरस हमला सहज हो सकता है. फ्लू यह संक्रमण बीमारी है. हल्का बुखार आना, सर्दी खांसी, गला, थकावट आना, शरीर दर्द करना व नाक बहना यह सामान्य लक्षण हो सकते है. इस दौरान छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है.