Farmers waiting for rain, farmers outraged by pest infestation on crops
Representational Pic

    बिरसीफाटा/तिरोड़ा.  वर्तमान स्थिति में कुछ क्षेत्र में ग्रीष्मकालीन धान की कटाई शुरू है. लेकिन अब अनेक जगह पर धान की कटाई  पूर्ण होने से खेती की साफ-सफाई कर हल जोतना शुरू किया गया है. धान कटाई किए गए खेत में हल जोतना शुरू है. वहीं जिस खेती में ग्रीष्मकालीन धान फसल नहीं थे, ऐसे खेतों में पहली बारिश की प्रतिक्षा है. रोहिणी नक्षत्र खत्म होने के पर भी अब तक बारिश की एक बुंद भी नहीं गिरी. अब मृग भी लग चुका है. मृग  नक्षत्र से किसानों को उम्मीद होने की बात किसान वर्ग ने कही है.

    ऐसे में पिछले तीन दिनों से सुबह व शाम के समय आसमान में बादल छा रहे है. जिससे बारिश होने की संभावना नजर आती है. लेकिन फिर धुप निकलने के कारण बारिश होने की आस खत्म हो रही है. अच्छी बारिश होने के बाद बुआई के कार्य की शुरूआत होगी. लेकिन सिंचाई सुविधा वाले किसान पहली बारिश की प्रतिक्षा न करते हुए  बुआई का कार्य शुरू करेंगे. आसमानी बारिश की प्रतिक्षा करनेवाले किसानों को इस वर्ष बुआई कार्य करने में विलंब होगा. ऐसी बात कही जा रही है. 

    खेत परिसर में आग का नजारा

    खरीफ सत्र में धान के बुआई के पहले खेत में उगा घास-फुंस उग गया है. साथ ही खेत परिसर में अन्य पेड़-पौधों सहित ग्रीष्मकालीन धान फसल वाले जगह का तनस यह सभी जलाया जा रहा है. जिससे सुबह और शाम के समय खेतों में आग दिखाई दे रही है. जिस जमीन पर धान की बुआई करनी है, ऐसे जगह का तनस व अन्य घासफुस जलाया जा रहा है. जिससे वर्तमान स्थिति में आग लगते दिखाई दे रही है. 

    चारे के लिए तनस की ढूलाई

    ग्रीष्मकालीन धान फसल का उत्पादन लेनेवाले किसान खेतों में रखा तनस बैलगाड़ी व ट्रैक्टर की सहायता से अपने  घरों में ढुलाई कर रहे है. यह तनस बारिश  के दिनों में पशुओं के लिए चारा के रूप में उपयोग किया जाता है. अनेक किसानों के पास पशुधन नहीं है, फिर भी किसान गाय, भैंस व बैलों के लिए चारा उपलब्ध हो, इसलिए खेतों से तनस की घर में ढूलाई की जा रही है.