The age of marriage of woman was changed from 18 to 21, the cabinet approved the proposal: report
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    गोंदिया.  विवाह के इच्छुक अनेक शादी की रस्म निपटाने की तैयारियों में जुट गए हैं. 15 नवंबर को तुलसी विवाह होने के बाद विवाह समारोह की तिथियां तय की गई. हर साल फरवरी व मार्च में होने वाली शादी की रस्में इस साल नवंबर व दिसंबर में पूरी की जा रही है. इससे अब शादी की शहनाईयां सुनाई दे रही है. पिछले डेढ़ साल से प्रशासन ने कोरोना के चलते शादी समारोहों पर तरह तरह की पाबंदियां लगा रखी थी. शादी के दो सीजन बर्बाद हो गए.

    लड़के-लड़कियों को सामुहिक विवाह समारोह में शादी करने का इंतजार करना पड़ा. प्रशासन ने विवाह समारोहों पर कोरोना की पाबंदियां लगभग हटा दी है. तुलसी की शादी होते ही शादी की रस्में धूमधाम से शुरू हो गई. अभी से तारीखें तय करके मंगल कार्यालयों की बुकिंग की गई. दीपावली का त्योहार खत्म होते ही शादी की रस्में शुरू हो गई.

    कोरोना की पाबंदिया से राहत मिलने के बाद कई लोगों ने एक ही समय में शादी की रस्में पूर्ण करने की जल्दबाजी शुरू कर दी. मंगल कार्यालय व लॉन में बुकिंग करने का चलन बढ़ गया है. कई लोगों ने कोरोना संकट के बाद नवंबर व दिसंबर में शादियों की तैयारियां शुरू कर दी है लेकिन शादी समारोहों की असली भीड़ जनवरी व  फरवरी में देखने को मिलेगी.

    विवाह तिथियां

    कोरोना महामारी से अब कुछ राहत मिलने के कारण अनेकों द्वारा गत डेढ़ वर्ष से प्रलंबित रखे गए विवाह नवंबर व दिसंबर माह में तय किए हैं. इसमें विवाह की तिथियों में 20 नवंबर शनिवार व 21 नवंबर रविवार को विवाह निपट गए. वहीं अब 29 नवंबर सोमवार, 30 नवंबर मंगलवार, 1 दिसंबर बुधवार, 7 दिसंबर मंगलवार, 8 दिसंबर बुधवार, 9 दिसंबर गुरुवार, 13 दिसंबर सोमवार, 19 दिसंबर रविवार, 24 दिसंबर शुक्रवार, 26 दिसंबर रविवार व 27 दिसंबर सोमवार का मुहूर्त है.